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ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी पर FIR, बीटेक छात्र के सुसाइड के बाद एक्शन; 2 प्रोफेसर पहले ही अरेस्ट

ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी पर FIR, बीटेक छात्र के सुसाइड के बाद एक्शन; 2 प्रोफेसर पहले ही अरेस्ट

बिहार के पूर्णिया के छात्र शिवम डे ने किया था सुसाइड.

ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी पर अब बड़े सवाल खड़े हो गए हैं और उसकी वजह है महज 29 दिन के अंदर दो विद्यार्थियों के खुदकुशी करना. करीब 29 दिन पहले मेडिकल स्टूडेंट छात्रा ने शारदा यूनिवर्सिटी में खुदकुशी की तो वहीं 15 अगस्त को बीटेक स्टूडेंट ने अपने हॉस्टल में फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी. अब इस मामले में शारदा यूनिवर्सिटी पर खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला पुलिस ने दर्ज किया है.

ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी के बीटेक स्टूडेंट शिवम डे ने अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी से लगाकर खुदकुशी कर ली. मृतक छात्र बिहार के पूर्णिया का रहने वाला था, जो यहां रहकर बीटेक की पढ़ाई कर रहा था. छात्र के पिता का कहना है कि बेटे को इंजीनियर बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा भेजा था, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि वह यहां उसे खो देंगे. बीते एक महीने में शारदा यूनिवर्सिटी के किसी छात्र द्वारा खुदकुशी का यह दूसरा मामला है.

पुलिस को कमरे से मिला सुसाइड नोट

पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला. इसमें छात्र ने अपनी मौत के लिए किसी को जिमेदार नहीं ठहराया है. मृतक शिवम डे के परिवार वालों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद शारदा यूनिवर्सिटी के ऊपर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले के तहत मुकदमा दर्ज हो गया है.

पुलिस को मृतक छात्र के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है. डायरी के पेज पर अंगेजी में लिखे सुसाइड नोट में शिवम ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया. डायरी में लिखा है कि आत्महत्य करना मेरा अपना फैसला है. इसमें कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं है. मैं पिछले एक साल से इसकी योजना बना रहा था. यह दुनिया मेरे लिए नहीं है या शायद मैं इस दुनिया के लिए नहीं हूं. पुलिस से अनुरोध है कि मेरी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाए. यूनिर्सिटी से अनुरोध है कि मेरे घरवालो को फीस वापस कर दी जाए.

मृतक छात्र के पिता ने लगाए थे गंभीर आरोप

मृतक छात्र शिवम के पिता कार्तिक चंद डे ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि शारदा यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परिवार को इस बात की सूचना नहीं दी कि उनका बेटा क्लास में उपस्थित नहीं हो रहा था. उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 के बाद से जब उनका बेटा यूनिवर्सिटी नहीं जा रहा था तो प्रशासन ने उन्हें क्यों नहीं बताया, जबकि फीस के लिए वह लगातार मेल और मैसेज कर रहे थे.

वहीं शारदा यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता अजीत कुमार का कहना है कि वह लगातार दिए गए मेल आईडी पर मृतक छात्र के माता-पिता को जानकारी दे रहे थे कि उनका बेटा कॉलेज नहीं आ रहा है और उसकी क्या स्थिति है. बच्चों की काउंसलिंग करना बहुत जरूरी होता है. इसमें विश्वविद्यालय प्रशासन, माता-पिता सभी का रोल होता है. वह एग्जाम में पास नहीं हो पा रहा था, शायद यही दबाव था.

ज्योति नाम की छात्रा ने दी थी जान

बिहार के पूर्णिया का रहने वाला शिवम अपने माता-पिता की इकलौती संतान था. उसके पिता एक निजी कंपनी में काम करते थे, जबकि मां गृहिणी हैं. पिछले एक महीने में शारदा यूनिवर्सिटी के दो छात्रों ने खुदकुशी की है. करीब एक महीने पहले ज्योति शर्मा नाम की बीडीएस छात्रा ने हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली थी.

शारदा यूनिवर्सिटी के 2 प्रोफेसर भेजे गए थे जेल

उसके कमरे से सुसाइड नोट मिला था, जिसमें छात्रा ने दो प्रोफेसरों पर मानसिक उत्पीड़न करने का जिक्र किया था. छात्रा ज्योति शर्मा सेमेस्टर परीक्षा से पहले असाइनमेंट पर प्रोफेसरों के हस्ताक्षर नहीं करने से आहत थी. पीड़ित परिवार का आरोप था कि विश्वविद्यालय के दो प्रोफेसर उनकी बेटी पर असाइनमेंट पर फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाते हुए मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे. इस मामले में एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर सहित दो प्रोफेसर पुलिस ने गिरफ्तार का जेल भेजा था.

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