Election of legislative council members of uttar pradesh held on march 21 tenure of these members is ending | 21 मार्च को होगा विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव, इन सदस्यों का हो रहा कार्यकाल समाप्त

चुनाव आयोग.
राजनीतिक परिपेक्ष से देखें तो उत्तर प्रदेश सभी पार्टियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण प्रदेश रहता है. लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद सभी पार्टियों ने अपनी चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं. लोकसभा चुनावों की सरगर्मी के बीचचुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की खाली सीटों के लिए 21 मार्च को चुनाव कराने की घोषणा कर दी है. 5 मई को 13 विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा. इनमें 10 भाजपा के सदस्य हैं और 1 – 1 सपा, बसपा और अपना दल ( सोनेलाल ) के सदस्य हैं. हालांकि अपना दल ( सोनेलाल ) एनडीए गठबंधन का ही हिस्सा है.
21 मार्च को होने वाला यह चुनाव समाजवादी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण रहेगा. इस बार समाजवादी पार्टी को नेता प्रतिपक्ष का पद वापस मिल सकता है. 2022 के विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी बसपा के पास जीत के लिए पर्याप्त बहुमत न होने के कारण इस बार बसपा भी कांग्रेस की तरह शून्य हो सकती है. जानकारी के लिए आपको बता दे 2022 के उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में बसपा के खाते में सिर्फ एक ही सीट गई थी. यूपी में बसपा ने एकमात्र बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट जीतने में सफलता पाई थी.

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इन सदस्यों का कार्यकाल हो रहा है समाप्त
भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े चेहरों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. पूर्व जल शक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण के पूर्व राज्य मंत्री रहें मोहसिन रजा के साथ-साथ अशोक कटियार, अशोक धवन, बुक्कल नवाब, यशवंत सिंह, विजय बहादुर पाठक, विद्यासागर सोनकर, डॉ सरोजनी अग्रवाल समेत निर्मला पासवान का भी नाम है. अपना दल ( सोनेलाल ) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल का भी कार्यकाल समाप्त हो रहा है. अपना दल ( सोनेलाल ) एनडीए गठबंधन का ही हिस्सा है. वहीं समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम का भी कार्यकाल समाप्त हो जाएगा है. 5 मई को बसपा के विधान परिषद सदस्य भीमराव अंबेडकर का भी कार्यकाल समाप्त हो रहा है.
कैसे होता है विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव
विधान परिषद सदस्यों को हम एमएलसी भी कहते हैं. वैसे तो विधान परिषद के सदस्यों का चयन भी वोटिंग के जरिए होता है. लेकिन इस चुनाव में आम जनता हिस्सा नहीं लेती है. चुनाव में विधानसभा सदस्यों के साथ ही जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और नगर निगम या नगरपालिका के जीते हुए प्रतिनिधि भी हिस्सा लेते हैं. जानकारी के लिए आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद में 100 सीटें हैं और विधान परिषद के सदस्य का दर्जा विधायक के ही बराबर होता है.

