Chaitra Navratri 2024 bhog or prasad for Skandmata on fifth day of Navratri

Chaitra Navratri 2024: नवरात्रि का पांचवा दिन मां स्कंदमाता को समर्पित है. इस दिन देवी दुर्गा के पांचवें रूप मां स्कंदमाता की आराधना की जाती है. मां की आराधना के साथ-साथ मां को भोग लगाना भी बहुत जरूरी होता है. आइये जानते हैं इस दिन स्कंदमाता को किस चीज का भोग लगाएं.
देवी भगवती के पांचवें स्वरूप का नाम है स्कंदमाता. चैत्र नवरात्रि 2024 में मां स्कंदमाता का व्रत 13 अप्रैल, शनिवार के दिन रखा जाएगा. इस दिन मां को केले का भोग लगाना बहुत शुभ माना गया है. स्कंदमाता को केले से बनी चीजें बहुत पसंद हैं. इसीलिए इस दिन आप मां को केले से बने हलवे या मिठाई का भोग लगा सकते हैं. केले का भोग लगाने से बिजनेस और करियर में उन्नति होती है और आप जीवन में आगे बढ़ते हैं.
साथ ही स्कंदमाता को खीर बहुत प्रिय हैं, आप मां को खीर का भोग भी लगा सकते हैं. नवरात्रि में नौ दिन हर देवी को अलग-अलग चीजों का भोग लगाया जाता है. हर भोग का अपना महत्व है. नौ देवियों को उनका प्रिय भओग लगाने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं.
स्कंदमाता को पीला रंग अति प्रिय है. इस दिन पूजा में कोशिश करें पीले रंग के वस्त्र पहने. पीले रंग के फूल मां स्कंदमाता को अर्पित करें. मां को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें और पीले रंग की मिठाई या फल का भोग लगाएं.
नवरात्रि पांचवें दिन की पूजा विधि-
- फूल, दीपम, पवित्र जल और भोजन (प्रसाद) चढ़ाना चाहिए.
- देवी को छह इलायची के साथ एक केला या अन्य फल भेंट कर सकते हैं.
- स्नान करना, साफ़ कपड़े पहनना और देवी को भोग लगाना महत्वपूर्ण है.
- मां को धूप, पुष्प, पान, सुपारी, बताशा एवं लौंग आदि चढ़ाएं.
- उसके बाद स्कंदमाता की आरती करें.
- आरती के बाद शंख बजाएं.
- जहां स्कंदमाता की प्रतिमा को स्थापित किया है, वहीं मां को दंडवत प्रणाम करें.
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