CBI On Digital Arrest Fraud: दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात समेत 7 राज्यों की 40 जगहों पर CBI की रेड, डिजिटल अरेस्ट पर शिकंजा

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर नकेल कसने के लिए सीबीआई ने बुधवार (8 अक्टूबर, 2025) को देशभर में बड़ी छापेमारी की. एजेंसी ने डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड से जुड़े मामलों में दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल में करीब 40 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. ये कार्रवाई ऑपरेशन चक्र-5 के तहत की गई है.
सीबीआई को ये मामला I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के एनसीआरपी पोर्टल पर 9 पीड़ितों की शिकायतों से मिला था. शिकायतों के आधार पर सीबीआई ने एक एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की. जांच में ये सामने आया कि इस ठगी में कई फर्जी बैंक अकाउंट्स और टेलीकॉम नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था, जिनसे आरोपी पीड़ितों तक पहुंचते थे.
आरोपी खुद को बताते थे पुलिस या सरकारी एजेंसी का अफसर
इस फ्रॉड में आरोपी खुद को पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी का अफसर बताकर लोगों को कॉल करते थे. वे कहते थे कि आपके खिलाफ कोई केस दर्ज हुआ है या आपका बैंक अकाउंट किसी अपराध में इस्तेमाल हुआ है. फिर डराकर उनसे पैसे ठग लिए जाते थे. ये सब वीडियो कॉल Telegram या WhatsApp के जरिए होता था.
कंबोडिया से हो रहा था खेल
जांच के दौरान सीबीआई ने करीब 40 लोगों की पहचान की है जो इस साइबर गैंग से जुड़े थे. एजेंसी को 15,000 से ज्यादा IP एड्रेस के एनालिसिस में पता चला कि ठगी की ये पूरा ऑपरेशन विदेशों से चल रहा था. खासकर कंबोडिया से. वहीं भारत में बैठे लोग फर्जी अकाउंट खोलकर और हवाला चैनलों के जरिए पैसों की लेयरिंग और ट्रांसफर में मदद कर रहे थे. पैसों का एक हिस्सा भारत में ही निकाला जाता था जबकि बाकी रकम विदेशी ATM से निकाली जाती थी. इन पैसों की आवाजाही के लिए आरोपी फिनटेक प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल ट्रांसफर सर्विसेज का इस्तेमाल करते थे, ताकि ट्रांजैक्शन को ट्रैक न किया जा सके.
छापों के दौरान सीबीआई ने लैपटॉप, मोबाइल, हार्ड ड्राइव, KYC डॉक्यूमेंट्स और कई सिम कार्ड जब्त किए हैं. इन सभी की जांच की जा रही है ताकि मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचा जा सके और पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके. सीबीआई का कहना है कि मामले की जांच जारी है.
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