अयोध्या में जो हुआ वो महापाप, आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं… अखिलेश यादव

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव. (फाइल फोटो)
अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर अखिलेश यादव ने जमकर निशाना साधते हुए कहा कि अयोध्या में जो हुआ वो महापाप हुआ. आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा. लखनऊ अग्निकांड पर समाजवादी पार्टी के नेता ने कहा कि लखनऊ के अलीगंज घटना में बच्चों की जान बचाई जा सकती थी. अगर समय पर सभी सुविधाएं मौजूद होतीं और पहले से ध्यान दिया गया होता.
राम मंदिर में चंदे चोरी को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश, देश भर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो चढ़ावा आता है, यह सनातनी परंपरा है. अगर परंपरा पर अगर सवाल उठता है तो यह सही नहीं है, यह बहुत ही सेंसेटिव मुद्दा है.
SIT का मतलब Share in theft: अखिलेश
आयोध्या में चढ़ावे में चोरी क्या प्रशासन की नाकामी है, के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा, “SIT का मतलब क्या हुआ, Share in theft? यह विश्वास में सेंध हैं. ये महापाप हुआ है. आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है.”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के UP ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026 और इन्वेस्टर रोड शो में हिस्सा लेने के लिए बेंगलुरु जाने को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि व्यक्तिगत स्वार्थ लाखों लाख एकड़ जमीने न जाने किसको दी जा रही हैं. अब बेंगलुरु में इन्वेस्टमेंट करने जा रहे हैं. ये बेंगलुरु में डोसा खाने जा रहे हैं. जब सरकार जानी है तो इन्वेस्टमेंट कौन लेकर आएगा.
सभी सुविधाएं मौजूद होतीं तो कांड नहीं होताः अखिलेश
उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग जंगल को खत्म करने वाले लोग हैं. इन्वेस्टमेंट आया होता तो क्या नौकरी रोजगार नहीं होता.
लखनऊ अग्निकांड पर अखिलेश यादव ने कहा, “अलीगंज घटना में बच्चों की जान बचाई जा सकती थी, अगर समय पर सभी सुविधाएं मौजूद होतीं और पहले से ध्यान दिया होता तो यह कांड नहीं हुआ होता. सरकार अगर पहले जाग गई होती तो यह सब नहीं होता. महाकुंभ में कितनी बार आग लगी, लेवाना होटल में आग लगी तब सरकार ने कहा कि 24 घंटे में बुलडोजर चल जाएगा, लेकिन अपना होटल था तो बुलडोजर नहीं चला सके.
उन्होंने कहा कि जो सरकार अकबर नगर के हजारों लोगों को हटा सकती है तो पिछले 10 सालों में सरकार कर क्या रही थी. सरकार की जिम्मेदारी थी सही समय पर चीजें की गई होती तो बच्चों की जान बचाई जा सकती थी. उन्होंने कहा कि आग लगने के बाद इनके पास दीवार तोड़ने के लिए औजार तक नहीं है. आग के बजाय दम घुटने से ज्यादा लोगों की जान गई.




