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‘दिल में बाबर, मुंह में राम’… सीतापुर में अखिलेश के विवादित होर्डिंग पर सियासी बवाल, सपा सांसद ने पोस्टर जलाया

'दिल में बाबर, मुंह में राम'... सीतापुर में अखिलेश के विवादित होर्डिंग पर सियासी बवाल, सपा सांसद ने पोस्टर जलाया

सांसद आनंद भदौरियों ने अखिलेश के विवादित होर्डिंग को जलाया
Image Credit source: TV9

समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव के विवादित होर्डिंग को लेकर सियासत गरमा गई है. बताया जा रहा है कि सीतापुर की कांशीराम कॉलोनी के समीप बाईपास पर लगे इस विवादित होर्डिंग को लेकर सपा सांसद आनंद भदौरिया ने सरकार पर हमला बोला है. सपा सांसद पहले मौके पर पहुंचे और होर्डिंग को उतारकर उसमें आग लगा दी.

इस दौरान सपा सांसद आनंद भदौरिया ने इस तरह के कार्य को कायराना हरकत करार देते हुए सूचना विभाग पर गंभीर आरोप लगाए. साथ ही बीजेपी पर भी जमकर बरसे. उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. इससे पहले 22 जून को भी शहर में ऐसी ही विवादित होर्डिंग लगाए जाने का मामला सामने आया था. उस समय शहर के बाहर लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राज्यमार्ग बाईपास विवादित होर्डिंग लगाए गए थे.

मुलायम और अखिलेश पर विवादित टिप्पणी

बताया जा रहा है कि विवादित होर्डिंग में मुलायम सिंह और अखिलेश यादव की फोटो लगाकर विवादित टिप्पणी की गई थी. पोस्टर में “दिल में बाबर, मुंह में राम” लिखा गया था. जिसकी सूचना मिलने के बाद सपा सांसद आनंद भदौरिया ने मौके पर पहुंचे और पोस्टर उतारकर उसे जला दिया. इससे पहले भी इसी तरह के विवादित पोस्टरों को सपा सांसद उतारकर उसे फाड़कर जला चुके हैं.

किसने लगाया विवादित होर्डिंग?

हालांकि, उस होर्डिंग पर किसी व्यक्ति, संस्थान या संगठन का नाम नहीं था. नेशनल हाईवे पर इसके लगने से आने-जाने वालों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई. सांसद आनंद भदौरिया ने आरोप लगाया कि यह किसी स्थानीय व्यक्ति का काम नहीं है, बल्कि इसमें सरकारी तंत्र (खासकर सूचना विभाग) शामिल हो सकता है.

रोकने के लिए बनाएंगे रणनीति

उन्होंने कहा कि इस मामले को पार्टी नेतृत्व के संज्ञान में लाया जाएगा और इसका मुकाबला करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे होर्डिंग लगाकर राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है. इसके बाद से इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है.

स्थानीय प्रशासन ने चुप्पी साधी

वहीं, होर्डिंग लगाने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या संगठन की पहचान के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और न ही प्रशासन ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है. एक तरह से स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में चुप्पी साधी हुई है.

अभिजीत ठाकुर

अभिजीत ठाकुर

अभिजीत ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है. 2014 में पत्रकारिता की शुरुआत Zee Media से हुई. दिल्ली में रिपोर्टिंग की. 2018 में ETV भारत के नेशनल ब्यूरो में बतौर रिपोर्टर जॉइन किया. इस दौरान संघ (RSS-VHP), शिक्षा, कृषि, पर्यटन के साथ किसान और मजदूरों के मुद्दों पर रिपोर्टिंग की. 2022 में TV9 भारतवर्ष जॉइन किया और दिल्ली ब्यूरो का हिस्सा रहे. इस दौरान उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान,महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड में कई बड़ी खबरों और इवेंट्स कवर करने का अवसर मिला. 2025 में लखनऊ ब्यूरो की जिम्मेदारी के साथ दिल्ली से लखनऊ भेजा गया. 17 साल दिल्ली में रहने के बाद अब कर्मस्थली यूपी की राजधानी है. अब उत्तर प्रदेश की राजनीति, सरकार और जनता से जुड़े मुद्दों की रिपोर्ट जनता तक पहुंचाते हैं.

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