Maharashtra NCP Political Crisis Uddhav Sena Leader Claims He Knew About Ajit Pawar Join Maharashtra Government | Maharashtra NCP Crisis: ‘यह तो होना ही था’, उद्धव खेमे के शीर्ष नेता का दावा

Maharashtra NCP Political Crisis: एनसीपी नेता अजित पवार ने बगावत करते हुए शिंदे-फडणवीस सरकार का समर्थन किया. इतना ही नहीं उन्होंने एनसीपी पर भी दावा ठोंक दिया है. रविवार (2 जुलाई) को हुए इस पूरे घटनाक्रम से महाराष्ट्र की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा गई है. इस बीच अब शिवसेना (UBT) के एक शीर्ष नेता ने दावा किया कि उन्हें शनिवार (1 जुलाई) को महाराष्ट्र में नाटकीय घटनाक्रम के बारे में संकेत दिया गया था.
शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता ने कहा कि उन्हें कल शाम यानी शनिवार को ही एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं का फोन आया, जिससे संकेत मिला कि ऐसा हो सकता है. शीर्ष नेता ने इंडिया टुडे को बताया, “यह अपेक्षित था.” इस बीच, शिवसेना के यूबीटी गुट ने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र में हाल की घटनाओं के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) की प्रमुख भूमिका थी.
‘ज्यादातर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले’
नाम न छापने की शर्त पर एक नेता ने कहा, ”ईडी ने इसमें प्रमुख भूमिका निभाई है, क्योंकि जो नेता अजित पवार के साथ जा रहे हैं उनमें से ज्यादातर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले हैं. यह बीजेपी की चाल है पहले उन्हें डराकर फिर उन्हें अपने साथ ही ले आना.”
इन नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ
बता दें कि छगन भुजबल, धनंजय मुंडे, दिलीप वलसे पाटिल सहित कुल 9 एनसीपी नेताओं ने राजभवन में एक समारोह में अजीत पवार के साथ मंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद से ही तमाम दलों के राजनेताओं की इसे लेकर प्रतिक्रियांए सामने आई हैं. सीएम एकनाथ शिंदे ने इसे ट्रीपल इंजन वाली सरकार करार दिया है. वहीं, प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि अभी भी उद्धव ठाकरे गुट और एनसीपी के साथ उनका गठबंधन जारी रहेगा.
जितेंद्र आव्हाड को मिली अजित पवार की जगह
अब एनसीपी ने जितेंद्र आव्हाड (Jitendra Awhad) को विधानसभा में विपक्ष का नेता और मुख्य सचेतक (Chief Whip) नियुक्त कर दिया गया है. आव्हाड ने भी यही कहा कि उन्हें इन नेताओं के शिंदे सरकार में शामिल होने के फैसले के पीछे कोई अन्य कारण नहीं दिखता. ये केंद्रीय एजेंसियों की ओर से की जा रही जांच के कारण वहां गए हैं.
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