Bhiwani Killings Who Is Monu Manesar Accused In The Bhiwani Incident Whom Hindu Organizations Bajrang Dal VHP Are Threatening To Save

Bhiwani Incident: हरियाणा के भिवानी कांड में लिप्त आरोपियों के पक्ष में हिंदू महापंचायत का आयोजन हुआ था. इस दौरान हिंदू संगठनों ने मोनू मानेसर समेत दूसरे आरोपियों की गिरफ्तारी न होने का ऐलान किया. हिंदू संगठनों ने धमकी देते हुए कहा कि अगर पुलिस किसी भी तरह की कार्रवाई करने आती है तो वो वापस नहीं जा पाएगी. बुधवार को हथीन की अनाज मंडी में आयोजित की गई महापंचायत में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के हिंदू संगठनों के लोग काफी संख्या में एकत्रित हुए थे.
पुलिस ने मोनू मानेसर को दी क्लीन चिट
हिंदू संगठनों द्वारा दी गई धमकी के बाद से राजस्थान पुलिस ने भिवानी कांड में शामिल अपराधियों की नयी सूची जारी की. इस सूची में पुलिस ने मोनू मानेसर और लोकेश सिंगला के नाम हटाकर उनको क्लीन चिट दी. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने भिवानी काण्ड के 8 अन्य अपराधियों की फोटो सहित सूची जारी की है. जिसमें नूंह के 2 और हरियाणा के 6 अपराधी शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, मामले के 5 में से एक नामजद आरोपी है. पुलिस रिमांड पर रहते हुए रिंकू सैनी ने अपना जुर्म कबूला है.
जानें भिवानी कांड के बारे में
एक सप्ताह पहले (16 फरवरी को) हरियाणा के भिवानी के लोहारू में एक जली हुई बोलेरो कार बरामद हुई थी. बोलेरो के अंदर दो मुस्लिम युवकों के जले हुए कंकाल मिले थे, जिनके नाम जुनैद और नासिर बताये गए थे. इस घटना के बाद पुलिस ने मोनू मानेसर सहित बजरंग दल के 5 कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किया था. हरियाणा और राजस्थान पुलिस भिवानी काण्ड की जांच पड़ताल कर रही है. वहीं, मुख्य आरोपी मोनू मानेसर फरार चल रहा है.
आखिर कौन है मोनू मानेसर
गुरुग्राम बजरंग दल का जिला संयोजक मोनू मानेसर का असली नाम मोहित यादव है. बजरंग दल के अलावा, मोनू मानेसर काऊ टास्क फोर्स से भी जुड़ा हुआ है. काऊ टास्क फोर्स का मतलब मवेशियों की तस्करी और गोकशी की जानकारी लेना और उस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करना होता है. साल 2011 में मोनू मानेसर ने बजरंग दल की सदस्यता ली थी. इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भी मोनू काफी ज्यादा एक्टिव है. बताया जाता है कि मोनू की टीम में करीब 50 लोग हैं. मोनू की टीम गुरुग्राम, पानीपत, सोनीपत, रेवाड़ी, भिवानी, पलवल और नूंह में काफी एक्टिव भी है. मोनू के ट्विटर प्रोफाइल पर भी सांप्रदायिक पोस्ट देखी जा सकती हैं. जिसमें वो एक खास समुदाय के खिलाफ जमकर प्रोपेगेंडा फैलाता है.