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Ayodhya Ravan Dahan: इस बार अयोध्या में नहीं होगा रावण दहन, कुतुबमीनार से भी ऊंचा बनाया गया; फिर किसने लगा दी रोक?

Ayodhya Ravan Dahan: इस बार अयोध्या में नहीं होगा रावण दहन, कुतुबमीनार से भी ऊंचा बनाया गया; फिर किसने लगा दी रोक?

अयोध्या में 240 फीट के रावण दहन पर रोक

पिछले 7 सालों से राम नगरी अयोध्या में भव्य राम लीला का आयोजन किया जा रहा है. इस रामलीला में बॉलीवुड के सितारे भी नजर आते हैं. इस साल भी अयोध्या में इस भव्य रामलीला का आयोजन किया गया है. राम लीला के अध्यक्ष सुभाष मलिक बॉबी ने इसका आयोजन किया है. इस भव्य राम लीला का मंचन नया घाट स्थित राम कथा पार्क में किया जा रहा है. जिसमें अभी तक कई सितारों रामायण के किरदारों के रूप में दिखाई दे चुके हैं. आने वाले समय में भी कई जानी-मानी हस्तियों का अभिनय अयोध्या की रामलीला में होना है.

राम लीला के इस मंचन के बीच एक बुरी खबर सामने निकलकर आ रही है, अयोध्या की रामलीला के फाउंडर और अध्यक्ष सुभाष मलिक बॉबी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार इस रामलीला में दिल्ली की कुतुबमीनार (238 फीट) से भी ऊंचे यानी 240 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होना था. जिसमें मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले भी शामिल थे. इन तीनों पुतलों के साथ सोने की लंका का दहन भी होना था. इस दहन के कार्यक्रम पर जिला प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है.

जिसको लेकर सुभाण ने मीडिया के जरिए पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है. उन्होंने कहा कि अयोध्या की रामलीला में 240 फीट का रावण का पुतला इस साल मुख्य आकर्षण है, लेकिन प्रशासन ने रावण, कुंभकर्ण, मेघनाथ और सोने की लंका के दहन की परमिशन प्रशासन ने अभी तक नहीं दी है.

पुलिस ने कलाकारों को चेताया

जिसको लेकर अयोध्या की रामलीला के अध्यक्ष सुभाष मलिक काफी परेशान हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के द्वारा 2 अक्टूबर को रावण दहन का कार्यक्रम तय था. इसको लेकर सुभाष मलिक ने अयोध्या पुलिस पर भी आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि 28 सितंबर की रात राम लीला के कुछ कलाकारों को पुलिस ने बुलाया था और बिना किसी परमिशन के उन्हें अग्नि से संबंधित कोई भी कार्य न करने की हिदायत दी थी. सुभाष ने इस दौरान कहा कि मोदी और योगी राज में भी रावण दहन पर रोक लगाई जा रही है.

नई परंपरा की अनुमति नहीं

वहीं इस पूरे मामले पर अयोध्या जिला प्रशासन का कहना है कि दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होना है. हम अयोध्या में किसी नई परंपरा की अनुमति नहीं दे सकते. जो परंपराएं पहले से चली जा रही हैं सिर्फ उन्हीं कार्यक्रमों के आयोजन की परमिशन दी जाएगी.

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