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12 साल पहले जहां बरसी थीं गोलियां, वहीं मुस्लिम समाज ने की गुरुद्वारे में कार सेवा; सहारनपुर में क्या हुआ था ऐसा?

12 साल पहले जहां बरसी थीं गोलियां, वहीं मुस्लिम समाज ने की गुरुद्वारे में कार सेवा; सहारनपुर में क्या हुआ था ऐसा?

सहारनपुर गुरुद्वारा

Saharanpur News: उत्तर प्रदेश केसहारनपुर में साल 2014 में गुरुद्वारे की जमीन को लेकर हुआ विवाद सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया था, जिसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था. लेकिन अब 12 साल बाद तस्वीर बदल गई है. जहां हिंसा हुई थी, उसी जगह से भाईचारे और एकता की नई मिसाल सामने आई है. जिस जमीन को लेकर कभी सिख और मुस्लिम समुदाय के बीच तनाव था, आज वहीं दोनों समाज मिलकर गुरुद्वारे का निर्माण कर रहे हैं. मुस्लिम समाज के लोगों ने कार सेवा करते हुए सीमेंट-बजरी उठाई, फावड़ा चलाया और श्रमदान किया.

यह मामला जुलाई 2014 का है, जब रेलवे स्टेशन के पास स्थित ऐतिहासिक श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे से सटी भूमि को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. गुरुद्वारा प्रबंधन का दावा था कि यह जमीन वैध रूप से खरीदी गई है और यहां गुरुद्वारे के विस्तार के साथ लंगर हॉल का निर्माण किया जाना है. दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष का कहना था कि भूमि का एक हिस्सा वक्फ संपत्ति है, जहां पहले नमाज अदा की जाती थी.

निर्माण कार्य शुरू होने के दौरान विवाद बढ़ता गया और देखते ही देखते सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया. दंगों में कई लोग घायल हुए, आगजनी और पथराव की घटनाएं हुईं तथा 80 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए. हिंसा की चपेट में आकर 200 से ज्यादा दुकानें भी जल गई थीं. इसके बाद मामला अदालत और प्रशासनिक स्तर पर लंबे समय तक चलता रहा.

2020 में बातचीत से निकला समाधान

लगातार विवाद के बीच वर्ष 2020 में तत्कालीन जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की पहल पर दोनों समुदायों के बीच कई दौर की बातचीत हुई. संवाद के जरिए समाधान तलाशने की कोशिशें सफल रहीं और दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद खत्म करने का फैसला किया.

समझौते के तहत गुरुद्वारा सिंह सभा की ओर से मुस्लिम समाज को मस्जिद के लिए 200 गज भूमि के मूल्य के रूप में चार लाख रुपये का चेक दिया गया. हालांकि मुस्लिम समाज ने इस राशि को लेने से इनकार कर दिया और भाईचारे का परिचय देते हुए चेक गुरुद्वारा प्रबंधन को वापस लौटा दिया. उन्होंने कहा कि मस्जिद का निर्माण समाज अपने संसाधनों से करेगा और यह राशि गुरुद्वारे के निर्माण में ही खर्च की जाए.

इसी दौरान मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि मुहर्रम अली उर्फ पप्पू ने वादा किया था कि जब भी गुरुद्वारे का निर्माण शुरू होगा, वह सबसे पहले पहुंचकर कार सेवा करेंगे.

छह साल बाद निभाया अपना वादा

मंगलवार को जब गुरुद्वारे में लिंटर डालने का काम शुरू हुआ तो मुहर्रम अली उर्फ पप्पू सहित मुस्लिम समाज के कई लोग निर्माण स्थल पर पहुंचे. उन्होंने सीमेंट, बजरी और अन्य निर्माण सामग्री उठाकर श्रमदान किया और कार सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन और मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर स्वागत किया. गुरुद्वारा सिंह सभा की ओर से मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया. यह दृश्य उन दिनों की यादों से बिल्कुल अलग था, जब इसी स्थान पर तनाव और हिंसा का माहौल था.

दोनों समाज ने दिया एकता का संदेश

सिख समाज के वरिष्ठ नेता सरदार गुरप्रीत सिंह बग्गा ने कहा कि कुछ लोग वर्षों तक इस विवाद को राजनीतिक मुद्दा बनाए रखना चाहते थे, लेकिन दोनों समुदायों ने आपसी विश्वास और संवाद के जरिए उस अध्याय को हमेशा के लिए बंद कर दिया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 से लगातार विश्वास बहाली की कोशिशें की जा रही थीं, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सभी के सामने है.

वहीं, मुहर्रम अली उर्फ पप्पू ने कहा कि 2014 की घटनाओं के बाद उनकी हमेशा यही इच्छा रही कि दोनों समाजों के बीच पैदा हुई दूरियां समाप्त हों. उन्होंने कहा कि 2020 में जो वादा किया था, उसे आज कार सेवा करके पूरा कर दिया. उनका कहना था कि मुस्लिम समाज सभी धर्मों का सम्मान करता है और विवाद के बजाय भाईचारे का रास्ता चुनना ही सबसे बड़ी जीत है.

विकास कपिल

विकास कपिल

विकास कपिल पंडित पिछले 12 वर्षों से हिंदी भाषी पत्रकारिता में सक्रिय हैं. विकास कपिल की राजनीतिक, अपराध और सामाजिक खबरों पर अच्छी पकड़ है. विभिन्न संस्थानों में रहते हुए कई बार उनके काम का असर भी देखने को मिला. न्यूज नेशन, न्यूज स्टेट, भास्कर टीवी, महुआ टीवी, NNIS न्यूज एजेंसी, भारत एक्सप्रेस जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में कार्य कर चुके विकास कपिल लंबे समय तक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े रहे हैं.

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में News Nation, News State UP/UK चैनल में लंबे समय तक काम करने के बाद विकास कपिल ने भारत एक्सप्रेस चैनल में भी काम किया और कुछ समय वहां काम करने के बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की तरफ रुख किया. वर्तमान में वो टीवी9 नेटवर्क का हिस्सा हैं. विकास कपिल पंडित ने CCS यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. घूमना, रिपोर्टिंग और खुद कुकिंग करना उनका शौंक है.

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