मथुरा में लगेंगे भगवान श्रीकृष्ण के पसंदीदा पौधे, अंग्रेजों के लगाए पेड़ हटाएगी योगी सरकार, SC ने दी इजाजत | shri krishna favorite trees planted in mathura yogi government remove trees planted by british supreme court

प्राकृतिक संतुलन बनाये रखने के लिये और मानवता के विकास और उसकी बेहतरी के लिये पौधों का विशेष महत्व रहा है. ये महत्व हमारे जो धार्मिक स्थल हैं, उनके विकास में भी बेहतरीन तरीके से उनका प्रदर्शन देखने को मिलता है. जब बात आती है हमारे भारत के दर्शनीय स्थल की, धार्मिक दृष्टिकोण की तो इन पौधों का महत्व और बढ़ जाता है.
इस मुद्दे पर हमने बात की कृषि वैज्ञानिक डॉ. भोपाल सिंह तोमर, अध्यक्ष – डिवीज़न ऑफ़ वेजिटेबल साइंस IARI Pusa से, जिन्होंने कहा इन सभी वृक्षों को लेकर मथुरा के सौंदर्यीकरण का कार्य चलेगा, यह एक अच्छा प्रयास है. बता दें कि यूपी सरकार अंग्रेजों के जमाने के पौधे हटाएगी और कान्हा का प्रिया कदंब पेड़ों को लगाएगी.
भारतीय मूल के पौधे
डॉ. भोपाल तोमर ने कहा कि हमें उन पौधों की तरफ ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है जो हमारे भारतीय मूल के पौधे हैं या हमारे यहां धार्मिक दृष्टिकोण से जिनको अपनाने की सिफारिश लोग करते हैं. सिर्फ़ धार्मिक दृष्टिकोण नहीं रहा है, उसके पीछे हमारा वातावरण की भी सोच रही है. विशेष रूप से जैसे पीपल के पेड़ को अक्सर मंदिरों में स्थापित किया जाता है और मान्यता है कि इसके ऊपर देवी देवताओं का वास होता है. लेकिन इसका वैज्ञानिक पहलू है कि पीपल प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन पैदा करता है.
भगवान कृष्ण की याद
पीपल परिवार के और जो वट वृक्ष हैं या सदस्य हैं जैसे बरगद और पकड़ी जैसे पेड़ हैं जो वातावरण के दृष्टिकोण से बहुत अच्छे हैं, कम पानी में उगते हैं और उनसे उत्पन्न होने वाले फल हमारे वातावरण में संतुलन बनाये रखते हैं. पक्षी भी वातावरण का एक अभिन्न अंग हैं, उनको इन पेड़ों पर आश्रय मिलता है और भोजन भी मिलता है. हमारे पूर्वजों ने जो स्थापित किये, उनका वैज्ञानिक सत्यापन करने पर पता चलता है कि जब हम कदम्ब की बात करते हैं तो हमें भगवान कृष्ण की याद आती है. आम भारतीय मूल का पौधा है, मोलश्री की बात करते हैं तो इसके दातून अच्छे माने जाते हैं और इसकी छाया अच्छी होती है. साथ ही सुंदरता बढ़ाने का काम करती है.
सुरक्षित और मान्यताओं से भरे पौधे
हर एक पौधे की अपनी एक-एक विशेषता है, जिसको वातावरण, विकास और धार्मिक दृष्टिकोण से यदि सम्मिलित करते हैं तो यह सराहनीय कार्य होगा. बरगद परिवार के सभी पौधों को प्राथमिकता से लगाना चाहिये क्योंकि ये सुरक्षित और मान्यताओं से भरे पौधे हैं. वातावरण को शुद्ध रखने और उसका संतुलन बनाये रखने में, कम पानी में उगने वाले और विकास करने वाले पौधे हैं. खिरानी, अर्जुन और पलास जैसे पेड़ों का भी महत्व है. अर्जुन के खाल से औषधियों को बनाया जाता है. ऐसे पेड़ हर तरह से लाभकारी हैं. सबका वातावरण में योगदान है. औषधीय गुणों के साथ-साथ ये पक्षियों को आश्रय दे कर भी वातावरण को नियंत्रित करते हैं.
