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मनोचिकित्सक डॉ. हेमिका कैसे हो गईं डिप्रेशन का शिकार? 5वीं मंजिल से लगाई छलांग, मौत

गजियाबाद: मनोचिकित्सक डॉ. हेमिका कैसे हो गईं डिप्रेशन का शिकार? 5वीं मंजिल से लगाई छलांग, मौत

डॉक्टर हेमिका अग्रवाल.

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रविवार को चर्चित मनोचिकित्सक (Psychiatrist) डॉ. हेमिका अग्रवाल ने बिल्डिंग से कूदकर जान दे दी. मृतका के पिता डॉ. आरके चंद्रा भी गाजियाबाद के एक जाने-माने और सीनियर मनोचिकित्सक हैं. डॉ. चंद्रा ने बताया कि उनकी बेटी कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रही थी. फिलहाल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. हालांकि इस मौत से सवाल खड़ा हो गया है कि दूसरों के डिप्रेशन की बीमारी का इलाज करने वाली डॉक्टर ने ही तनाव की वजह से इतना बड़ा कदम कैसे उठा लिया.

दरअसल गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की ऑफिसर सिटी-2 सोसाइटी में रविवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई. सोसाइटी के पांचवी मंजिल पर रहने वाली एक मनोचिकित्सक डॉ. हेमिका अग्रवाल ने बिल्डिंग से कूदकर खुदकुशी कर ली. डॉ. हेमिका अग्रवाल की मौके पर ही मौत हो गई.

डेढ़ साल पहले हुआ था तलाक

जानकारी के अनुसार, डेढ़ साल पहले डॉ. हेमिका का अपने पति से तलाक हो गया था. इसके बाद वह मानसिक तनाव और अवसाद (डिप्रेशन) से जूझ रही थीं. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है.

पुलिस के मुताबिक, शाम को सूचना मिली थी कि हेमिका अग्रवाल (40) ने अपने फ्लैट से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. घटना के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. मामले में अब तक किसी सुसाइड नोट के मिलने की जानकारी नहीं मिली है. पुलिस ने कहा है कि अभी तक सुसाइड नोट न मिलने से हत्या या आत्महत्या का पता नहीं चल सका है. पुलिस सभी एंगल पर जांच कर रही है.

डिप्रेशन में थीं डॉ. हेमिका- पिता का दावा

डॉ. हेमिका के पिता डॉ. आरके चंद्रा ने दावा किया कि वह तलाक के बाद से डिप्रेशन में थी. हेमिका के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा था. इससे वह भारी तनाव में रहने लगी थी. उन्होंने कहा कि परिवार ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन हेमिका को परेशानी से राहत नहीं मिली.

अंशुमन यादव

अंशुमन यादव

अंशुमन यादव के पास पत्रकारिता की दुनिया में दो दशक का अनुभव है. ज़मीनी रिपोर्टिंग से लेकर ब्रेकिंग न्यूज़ तक कवर करने में सक्षम. बरेली रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से वर्ष 2005 में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद साल 2009 में सहारा समय न्यूज़ चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की. लगभग छह वर्षों तक सहारा समय में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद, वर्ष 2016 में इंडिया वॉयस न्यूज़ चैनल और फिर 2017 में देशबंधु ख़बर में अपनी सेवाएं दीं. साल 2019 से देश के प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनल TV9 भारतवर्ष में सीनियर रिपोर्टर के तौर पर कार्यरत.

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