मतदाताओं को डराया-धमकाया और वोटिंग से रोका… सपा का बड़ा आरोप, CEO से की ये मांग


सपा प्रमुख अखिलेश यादव
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उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन सीटों पर 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले समाजवादी पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सपा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार के मंत्रियों और भाजपा पदाधिकारियों के इशारे पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के जरिए पार्टी समर्थक मतदाताओं को डराकर मतदान से रोकने की कोशिश की जा रही है.
पार्टी ने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer), उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित कराने की मांग की है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने यह ज्ञापन सौंपा. पार्टी का आरोप है कि सपा समर्थक मतदाताओं को फर्जी मुकदमों में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी जा रही है. कुछ मतदाताओं को पुलिस थानों में बुलाकर उन पर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाए जाने का भी दावा किया गया है.
प्रयागराज और जौनपुर में मतदाताओं को धमकाने का आरोप
सपा ने इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रयागराज जिले में मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप लगाए हैं. ज्ञापन के मुताबिक, मऊआइमा थाना क्षेत्र की एक पुलिस चौकी के प्रभारी रामफल और ब्रजेश कुमार त्रिपाठी पर मलखानपुर गांव की अंजू यादव को मतदान नहीं करने के लिए डराने का आरोप लगाया गया है. वहीं, जंघई पुलिस चौकी पर शोरो गांव के निवासी रामजी यादव को भी मतदान से रोकने के लिए धमकाने का दावा किया गया है.
वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तहत जौनपुर में भी सपा ने प्रशासनिक दबाव का आरोप लगाया है. पार्टी का कहना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक पर विद्यालय प्रबंधकों को बुलाकर मतदान के दिन घर पर रहने और वोट नहीं डालने के लिए दबाव बनाने का आरोप है. सपा ने संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक को तत्काल हटाने की मांग की है.
रात में गिरफ्तारी कर मतदान से दूर रखने की आशंका
समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि सपा समर्थक मतदाताओं की सूची संबंधित थानों में भेजे जाने और उन्हें रात में गिरफ्तार कर मतदान समाप्त होने तक हिरासत में रखने की जानकारी मिल रही है. पार्टी ने वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के जिलाधिकारियों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश देने की मांग की है कि किसी भी मतदाता को मतदान करने से न रोका जाए. हालांकि, ये आरोप समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं. ज्ञापन में उल्लिखित घटनाओं और कथित दबाव की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है.
आगरा की मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों का दावा
सपा ने आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में भी गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाया है. पार्टी के मुताबिक, बूथ संख्या 224 पर मतदाता क्रमांक 522 में पीयूष कुमार पोरवाल का नाम दो बार दर्ज है. इसी तरह क्रमांक 523 पर बब्बन, पिता का नाम रामचंद्र, का नाम भी दो बार दर्ज होने का दावा किया गया है.
पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में हजारों डुप्लीकेट नाम और अन्य त्रुटियां होने से मतदान के दौरान मतदाताओं को परेशानी हो सकती है. सपा ने निर्वाचन अधिकारियों से इन शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है.
फॉर्म-17सी पोलिंग एजेंटों को देने की मांग
समाजवादी पार्टी ने मतदान समाप्त होने के बाद मतों का पूरा लेखा-जोखा पोलिंग एजेंटों को उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया है. पार्टी का कहना है कि प्रत्येक बूथ पर कुल मतों और मतदान के दौरान पड़े मतों का विवरण देने वाला फॉर्म-17सी पोलिंग एजेंटों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए.
ज्ञापन में दावा किया गया है कि पीठासीन अधिकारियों को दिए गए प्रशिक्षण के दौरान पोलिंग एजेंटों को फॉर्म-17सी नहीं देने के निर्देश दिए गए, जो पार्टी के मुताबिक निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के विपरीत हैं. सपा ने सभी 11 विधान परिषद सीटों पर मतदान समाप्त होने के बाद संबंधित फॉर्म पोलिंग एजेंटों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने की मांग की है.
निर्वाचन आयोग से तत्काल कार्रवाई की मांग
समाजवादी पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि रिटर्निंग अधिकारियों, सहायक रिटर्निंग अधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं. पार्टी ने कहा है कि किसी भी मतदाता को उसकी राजनीतिक पसंद के आधार पर मतदान से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराई जानी चाहिए.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यह ज्ञापन सपा प्रतिनिधिमंडल के, केके श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह ने सौंपा. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने ज्ञापन जारी करते हुए मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है.





