उत्तर प्रदेशभारत

राजनाथ बोले- बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन करना चाहती है कांग्रेस

SIR प्रदर्शन: राजनाथ बोले- बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन करना चाहती है कांग्रेस

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) आज पूरे देश में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही है. लखनऊ में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता बदलने की बात की जा रही है, जो भी आंदोलन हो रहा है वो देश के युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए नहीं.. बल्कि देश में सत्ता परिवर्तन की कोशिश की जा रही है… ये सत्ता हासिल करने की साजिश है… सरकार को खुलेआम गिराने की बात की जा रही है.

बीजेपी प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाने के बजाय राजनीतिक टकराव और अराजकता की ओर मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि रिजीम चेंज जैसे शब्दों का इस्तेमाल यह दिखाता है कि विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधार, SI या CEC ज्ञानेश कुमार के लिए नहीं है, बल्कि अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करने की है.

कांग्रेस ने लोकसभा में तब से सरकार नहीं बनाई, जब वोटर आईडी कार्ड आया… कांग्रेस कहती है कि उनके वोट की चोरी हो गई जबकि यूपी में 1995 में आखिरी बार विजय हासिल हुई… बीजेपी उस समय दो सीटों की पार्टी थी… अब राहुल गांधी जवाब दें कि वो वोट चोरी थी या काम चोरी… राहुल गांधी ने वोट चोरी को हाइड्रोजन बम बताकर पूरे देश में शोर मचाया था… उनका तथाकथित हाइड्रोजन बम दिवाली का पटाखा भी साबित नहीं हुआ.

बांग्लादेश की तर्ज पर रिजीम चेंज करना चाहते हैं

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दिल्ली में पिछले दिनों जो घटनाक्रम हुए, वे गंभीर सवाल खड़े करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है. राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि रिजीम चेंज जैसे शब्दों का इस्तेमाल अपने आप में गंभीर है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुताबिक, इससे स्पष्ट होता है कि विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधार या SIR तक सीमित नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी युवाओं को अराजकता की ओर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि झूठे आक्रोश के जरिए संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे भारत की विकास यात्रा को बाधित नहीं किया जा सकता.

लोकतंत्र अराजकता फैलाने का लाइसेंस नहीं

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को सुझाव देते हुए कहा कि उन्हें पॉलिटिक्स ऑफ डिसरप्शन करने के बजाय अपनी राजनीतिक भूमिका का आत्ममंथन करना चाहिए.राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति की जगह है, लेकिन इसके नाम पर अराजकता फैलाने या संवैधानिक संस्थाओं पर चोट पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं पर चोट पहुंचाने का लाइसेंस राहुल गांधी और उनके साथियों के पास नहीं है.

कांग्रेस के तीन अक्षम्य अपराध गिनाए

राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए पार्टी पर तीन अक्षम्य अपराध करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पहला अपराध 1975 में आपातकाल लागू करना था, जब इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार ने लोकतंत्र को सलाखों के पीछे कैद कर दिया था. दूसरा आरोप उन्होंने 1984 में सिख समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा को लेकर लगाया. राजनाथ सिंह ने इसे सिख भाई-बहनों का नरसंहार बताते हुए कांग्रेस पर संरक्षण देने का आरोप लगाया.

तीसरे मामले में उन्होंने 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाए जाने का जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कारसेवकों पर गोली चलाने वालों को संरक्षण देकर सरकार ने उन्हें बचाने का काम किया. रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा कि उनके मुताबिक, अब कांग्रेस संविधान, संवैधानिक मूल्यों और संस्थाओं को चोट पहुंचाकर चौथा अपराध कर रही है. राजनाथ सिंह ने इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल का भी जिक्र किया.

रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा, ‘पहले चुनाव के दौरान किसी उम्मीदवार की मृत्यु हो जाती तो उस सीट पर चुनाव स्थगित हो जाता था… एक सीट के लिए पूरे चुनाव को स्थगित करने का कोई नियम नहीं है… राजीव गांधी की हत्या देश के लिए दुखद घटना थी, लेकिन जब आज कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रही तब मैं पूछता हूं कि राजीव गांधी की हत्या के बाद पूरे देश का चुनाव स्थगित किया गया जबकि अमेठी का चुनाव हो चुका था.’

पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी को पत्रकारतिा के क्षेत्र में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है. देश और उत्तरप्रदेश की राजनीति को कवर करते आ रहे हैं. दिल्ली में अमर उजाला और पंजाब केसरी से पत्रकारिता की यात्रा की शुरुआत हुई.  दिल्ली में 2 साल की पत्रकारिता के बाद मिट्टी की खुशबू यूपी खींच लाई और तब से राजधानी लखनऊ में ही पत्रकारिता हो रही है. 2017 में यात्रा को विस्तार देते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े. राजनीतिक खबरों में गहरी रुचि और अंदर की खबर को बाहर लाने का हुनर, साथ ही यूपी की ब्यूरोकेसी में खास पकड़.  पत्रकारिता का फलसफा खबरों को खबर के रूप में ही जनता तक पहुंचाना.

Read More

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button