मैदे पर नहाना, पैरों से रौंदना… नोएडा की सोया चाप फैक्ट्री का Video देख दंग रह जाएंगे

नोएडा में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित वीडियो ने सोया चाप खाने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है. करीब 36 सेकंड के इस वीडियो में दो युवक कथित तौर पर सोया चाप बनाने के लिए तैयार किए गए मैदे के ऊपर नहाते और उसे पैरों से रौंदते नजर आ रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो गौतम बुद्ध नगर की किसी सोया चाप फैक्ट्री का है. हालांकि, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अभी तक वीडियो की लोकेशन की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है.
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जमीन पर बड़ी मात्रा में सोया चाप बनाने का मिश्रण या मैदा फैला हुआ है. इसी दौरान एक युवक अपने कपड़े उतारकर उस मिश्रण के ऊपर लेट जाता है और दूसरा युवक उसके ऊपर पानी डालता हुआ दिखाई देता है. वीडियो में दोनों युवक हंसी-मजाक करते हुए उसी मिश्रण को पैरों से रौंदते भी नजर आ रहे हैं. यदि यह वीडियो वास्तविक और प्रामाणिक साबित होता है, तो यह खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा.
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई है. कई यूजर्स ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और फैक्ट्रियों में साफ-सफाई को लेकर सवाल उठाए हैं. वहीं, लोगों ने संबंधित फैक्ट्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है.
वायरल वीडियो पर एक्शन
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त सर्वेश कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो विभाग के संज्ञान में आया है. शुरुआती जानकारी में इसे नोएडा के सेक्टर-27 स्थित किसी फैक्ट्री का बताया गया था, लेकिन जांच के दौरान वहां इस तरह की कोई फैक्ट्री नहीं मिली. इसके बाद विभाग की टीम गौतम बुद्ध नगर में संचालित सभी सोया चाप निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर रही है.
खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह पुष्टि नहीं हुई है कि वीडियो गौतम बुद्ध नगर का ही है. वीडियो की लोकेशन, समय और उसमें दिख रहे लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. यदि जांच में वीडियो सही पाया जाता है और संबंधित फैक्ट्री की पहचान हो जाती है, तो खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल खाद्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल दावों को लेकर सतर्क रहें और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें. वहीं विभाग का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी.





