भारत

कतर के पूर्व अमीर के निधन पर राष्ट्रीय शोक, आधा झुका रहेगा तिरंगा, भारत सरकार का फैसला

भारत सरकार ने कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन के बाद एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. 13 जुलाई को भारत में राष्ट्रीय शोक रहेगा. इस दिन पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. साथ ही किसी भी तरह का आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा. 

पीएम मोदी ने कतर के पूर्व अमीर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी नेता बताया है. साथ ही कहा कि वह भारत के सच्चे मित्र बने रहे. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि कतर के फादर अमीर महामहिम शेख हम बिन खलीफा अल थानी के निधन पर हमें गहरा दुख है. वह एक दूरदर्शी नेता थे. उन्होंने कतर को विकास और समृद्धि के उच्च स्तर तक पहुंचाया. हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में याद करते हैं. इनसे मुझे फरवरी 2024 में कतर की अपनी पिछली यात्रा के दौरान मिलने का सौभाग्य मिला था. उनकी आत्मा को अनंत शांति मिले. इशके अलावा संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के जल्द ही कतर जाकर भारत सरकार की ओर से शोक संदेश पहुंचाने की उम्मीद है. 

बांग्लादेश में घिरे PM तारिक रहमान, जमात चीफ बोले- BNP ने तोड़ा वादा, कर दी ये बड़ी मांग

दुनियाभर के नेताओं ने पूर्व अमीर के निधन पर शोक व्यक्त किया

दुनिया भर के नेताओं ने कतर के पूर्व अमीर के निधन पर शोक व्यक्त किया है. पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और यूएई के पीएम शेख मोहम्मद ने भी कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर शोक व्यक्त किया है. शेख हमद को महान नेता और राजनेता बताते हुए शरीफ ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है. 

यूएई के पीएम शेख मोहम्मद ने लिखा कि मेरे भाई शेख तमीम बिन हमद अल थानी और कतर के भाई बहनों जैसे लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. हमने अपने प्रिय फादर शेख अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी को खो दिया है. हम सभी के लिए बड़ी क्षति है. ईश्वर उन पर दया करे. उन्हें जन्नत में ऊंचा स्थान दे. कतर के लोगों और उनके चाहने वालों को सब्र और हिम्मत दे. हम सब ईश्वर के ही हैं. अंत में उन्हीं के पास लौटकर जाना है. 

कौन थे शेख हमद?
हमद ने यूके में अपनी स्कूल शिक्षा पूरी करने के बाद 1971 में कतर की सेना (आर्म्ड फोर्सेज) जॉइन की. एलन फ्रॉमहर्ज की किताब कतर ए मॉर्डन हिस्ट्री के मुताबिक, बाद में उन्होंने 1995 में बिना किसी खून खराबे के जरिए तख्तापलट किया और सत्ता अपने हाथ में ले ली. 

US-ईरान जंग के 134 दिन बाद पहली बार दिखेंगे नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई! सामने आई तारीख

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button