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राम मंदिर चंदा विवाद के बीच CEO चुनने की प्रक्रिया शुरू, योग्यता और अनुभव के नियम आए सामने

राम मंदिर चंदा विवाद के बीच CEO चुनने की प्रक्रिया शुरू, योग्यता और अनुभव के नियम आए सामने

राम मंदिर. (फाइल फोटो)

राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच पड़ताल के बीच शनिवार को बड़ी कवायद देखने को मिली. सूत्रों का कहना है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सीईओ पद के लिए गठित सर्च कमेटी की दिल्ली में पहली बैठक हुई. कमेटी में जस्टिस प्रमोद कोहली (रिटायर्ड), लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) विष्णुकांत चतुर्वेदी और श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हावड़े शामिल हुए.

सूत्रों का कहना है कि इच्छुक लोगों के लिए आज की बैठक में क्राइटेरिया तय किया गया, जिसमें ये कहा गया कि मिनिमम शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएट हो. एडमिनिस्ट्रेशन या फाइनेंस में 20 साल का अनुभव होना चाहिए. टेम्पल मैनेजमेंट के अनुभव वाले व्यक्ति को प्राथमिकता मिलेगी. आवेदक को हिंदू धर्म से होना चाहिए. ये क्राइटेरिया तय होने के बाद अब 18 जुलाई तक सीईओ पद के लिए आवेदन किए जा सकते हैं.

सीईओ को अयोध्या में ही रहना पड़ेगा

आवेदन मेल आईडी के जरिए भेज सकते हैं, जो कि बनाई जा रही है. आवेदन मिलने के बाद समिति आवदेन देने वालों के साथ चर्चा करेगी. शुरुआत में तीन साल के लिए सीईओ की नियुक्ति होगी. चयन होने के बाद उसे अयोध्या में ही रहना पड़ेगा. इसके अलावा प्रक्रिया में सहयोग के लिए समिति ने एक सचिव नियुक्त करने का भी निर्णय लिया है. 1 महीने में सीईओ के चयन की प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश है.

निर्माण समिति के अध्यक्ष का बड़ा बयान

उधर, श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा कि दान में हेराफेरी एक तरह का कलंक है. इससे हर कोई अपमानित महसूस कर रहा है. मिश्रा ने भरोसा जताया कि व्यवस्था सुधरेगी और भविष्य में ऐसी घटना नहीं होगी. साथ ही ये भी कहा कि मामले की जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे कठोर सजा दिलाई जाएगी.

सीईओ के चयन की प्रक्रिया पर मिश्रा ने कहा, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए सीईओ की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है. अंतिम फैसला वही करेगी. उन्होंने कहा कि मैंने चल रहे निर्माण कार्य का जायजा भी लिया है. पुराने मंदिर का काम लगभग पूरा हो चुका है. अब उस लौ की व्यवस्था होनी है जो 24 घंटे जलती रहेगी. मंदिर निर्माण का आखिरी चरण 30 जुलाई तक पूरा होगा.

Amod Rai

Amod Rai

21 सालों से राजनीतिक, सामाजिक और पॉलिसी संबंधित विषयों की रिपोर्टिंग और लेखन का अनुभव। लगातार 2 दशक से बीजेपी, संघ परिवार, संसद और केंद्र सरकार की खबरों पर विशेष निगाह

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