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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपियों के खातों में हैसियत से कई गुना ट्रांजेक्शन, जांच के दायरे में मकान-प्लॉट और हॉस्टल

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपियों के खातों में हैसियत से कई गुना ट्रांजेक्शन, जांच के दायरे में मकान-प्लॉट और हॉस्टल

राम मंदिर

अयोध्य राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में बड़ा वित्तीय खुलासा हुआ है. SIT और पुलिस की पड़ताल में आरोपियों और उनके परिजनों के बैंक खातों में उनकी आय के मुकाबले कई गुना ज्यादा रकम के लेन-देन के सबूत मिले हैं. जांच एजेंसियों ने इसे महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल करते हुए अब चोरी की रकम के पूरे मनी ट्रेल को खंगालना शुरू कर दिया है. साथ ही आरोपियों की तरफ से अर्जित मकान, प्लॉट, हॉस्टल समेत अन्य संपत्तियों का ब्योरा जुटाकर उनकी कीमत का आकलन कराया जा रहा है.

सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों की विस्तृत जानकारी बैंकों से तलब की है. जांच में सामने आया कि कई खातों में लाखों और करोड़ों रुपए के लेन-देन हुए, जबकि संबंधित लोगों की घोषित आय या वेतन उससे कहीं कम था. जांच एजेंसियों का मानना है कि आय और बैंक ट्रांजेक्शन के बीच यह बड़ा अंतर चोरी की रकम के इस्तेमाल और उसे विभिन्न खातों के माध्यम से खपाने की ओर इशारा करता है.

जांच के दायरे में मकान-प्लॉट और हॉस्टल

जांच टीम ने आरोपी टिन्नू यदाव से जुड़े हॉस्टल के दस्तावेज भी अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है. यह पता लगाया जा रहा है कि हॉस्टल निर्माण और अन्य निवेश के लिए धन कहां से आया. इसी तरह अन्य आरोपियों के मकानों, प्लॉटों और चल-अचल संपत्तियों का भी सत्यापन किया जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि SIT के वरिष्ठ अधिकारी बुधवार या गुरुवार को दोबारा अयोध्या पहुंचकर जांच की प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं.

चोरी की रकम से बनी संपत्तियां हो सकती हैं जब्त

जांच एजेंसियों का फोकस अब चोरी की रकम से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई पर है. सूत्रों के मुताबिक पुलिस इस संबंध में कानूनी पहलुओं का परीक्षण कर रही है. SIT ने आरोपी अनुकल्प द्वारा कराई गई एक धार्मिक कथा को भी जांच के दायरे में शामिल किया है. बताया जा रहा है कि इस आयोजन पर पांच लाख रुपए से अधिक खर्च किए गए, जबकि अनुकल्प का मासिक वेतन महज 18 से 20 हजार रुपए था.जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस खर्च का वास्तविक स्रोत क्या था.

अनिल और गोपाल को नोटिस जारी

उधर, पुलिस पहले ही ट्रस्ट से जुड़े अनिल और गोपाल को नोटिस जारी कर चुकी है. हालांकि, अब तक दोनों से औपचारिक पूछताछ नहीं हो सकी है. जांच एजेंसियों का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड, संपत्तियों के दस्तावेज और आरोपियों के बयानों का मिलान कर पूरे वित्तीय नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं.

चढ़ावा की गणना करने वालों की संपत्ति की जांच शुरू की गई है. पुलिस ने संबंधित बैंककर्मियों की आय का भी ब्यौरा मांगा है. सुरक्षा में लगे कर्मियों का भी ब्यौरा मांगा है. वहीं कई लोगों ने आय,संपत्ति का ब्यौरा जांच टीम को सौंप दिया है. आरोपियों की संपत्तियों की भी चल जांच रही है. वहीं गणना का सुपरविजन करने वाले भी रडार पर है. आरोपियों से जुड़े बैंककर्मी,सुरक्षा कर्मी, सुपरविजन करने वालों की अघोषित संपत्तियों की जांच पुलिस के साथ राजस्व विभाग की टीम कर रही है.

पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी को पत्रकारतिा के क्षेत्र में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है. देश और उत्तरप्रदेश की राजनीति को कवर करते आ रहे हैं. दिल्ली में अमर उजाला और पंजाब केसरी से पत्रकारिता की यात्रा की शुरुआत हुई.  दिल्ली में 2 साल की पत्रकारिता के बाद मिट्टी की खुशबू यूपी खींच लाई और तब से राजधानी लखनऊ में ही पत्रकारिता हो रही है. 2017 में यात्रा को विस्तार देते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े. राजनीतिक खबरों में गहरी रुचि और अंदर की खबर को बाहर लाने का हुनर, साथ ही यूपी की ब्यूरोकेसी में खास पकड़.  पत्रकारिता का फलसफा खबरों को खबर के रूप में ही जनता तक पहुंचाना.

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