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200 करोड़ के महाठगी मामले में जैकलीन फर्नांडीस ने वापस ली अपनी याचिका, सुप्रीम कोर्ट से मिली ये खास राहत

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीस ने गुरुवार (25 जून, 2026) को वह याचिका वापस ले ली है, जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपने खिलाफ आरोप तय करने को लेकर दिल्ली की अदालत के आदेश को चुनौती दी थी. उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कानून के तहत उपलब्ध उचित उपायों का सहारा लेने की स्वतंत्रता दी है. जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने उनकी याचिका लगी थी. जैकलीन के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि वह इस मामले में आगे उचित उपाय अपनाना चाहती हैं, इसलिए याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाए. सुप्रीम कोर्ट ने उनके इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी. इससे पहले 11 जून को जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने जैकलीन की याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था.

30 मई को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशायल की तरफ से धन शोधन मामले में पेश किए गए सबूतों के आधार पर जैकलीन, ठग सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और 14 अन्य के खिलाफ पीएमएलए के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने नगर पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की ओर दर्ज एक अन्य मामले में चंद्रशेखर और 20 अन्य के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के प्रावधानों समेत विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय करने का भी निर्देश दिया था.

जैकलीन फर्नांडीस ने आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच के दौरान जैकलीन को कई बार समन भेजा था और बाद में एजेंसी ने एक पूरक आरोपपत्र में पहली बार उन्हें आरोपी बनाया. ईडी का आरोप है कि जैकलीन लगातार सुकेश चंद्रशेखर के संपर्क में थीं और उन्हें सुकेश की सहयोगी पिंकी ईरानी के माध्यम से कीमती उपहार मिले थे.

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अभियोजन पक्ष के अनुसार, चंद्रशेखर जेल से ही एक संगठित आपराधिक गिरोह संचालित कर रहा था और लोगों से ठगी करता था. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि फर्जी कॉल, एन्क्रिप्टेड ऐप और नकली पहचान का इस्तेमाल करके आरोपियों ने शिकायतकर्ता अदिति सिंह और उनके परिवार से बड़ी रकम ठगी की थी.

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