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वर्दी वाली ‘मां’ मंदाकिनी! 24 घंटे तक ये सिपाही बनी बच्ची की मम्मी, 8 साल की मूक-बधिर बच्ची को परिवार से मिलाया

वर्दी वाली 'मां' मंदाकिनी! 24 घंटे तक ये सिपाही बनी बच्ची की मम्मी, 8 साल की मूक-बधिर बच्ची को परिवार से मिलाया

महिला हेड कांस्टेबल मंदाकिनी और बच्चा

Kanpur Police News: कानपुर में पुलिस की संवेदनशीलता और ममता की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने लोगों का दिल छू लिया. सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक रील की वजह से एक मूक-बधिर बच्ची आखिरकार अपनी मां से मिल गई. इस पूरे प्रयास के पीछे ग्वालटोली थाना में तैनात महिला हेड कांस्टेबल मंदाकिनी की अहम भूमिका रही.

बुधवार को अलम के जुलूस के दौरान एक 8 साल की मूक-बधिर बच्ची परवीन भीड़ के साथ चलते-चलते अपने घर से दूर पहुंच गई थी. वह कर्नलगंज इलाके तक पहुंच गई. ग्वालटोली थाना क्षेत्र में गश्त कर रही पुलिस टीम को बच्ची सीलिंग हाउस स्कूल के पास पीले कपड़ों में बैठी मिली. बच्ची न तो कुछ बोल पा रही थी और न ही सुन पा रही थी, जिसके कारण पुलिस को उसके परिवार की जानकारी नहीं मिल सकी.

महिला हेड कांस्टेबल मंदाकिनी ने बच्ची को संभाला

पुलिस बच्ची को लेकर ग्वालटोली थाने पहुंची और उसे महिला हेल्प डेस्क के हवाले कर दिया गया. यहां तैनात महिला हेड कांस्टेबल मंदाकिनी ने बच्ची की देखभाल की जिम्मेदारी संभाली. बच्ची को अकेला देखकर मंदाकिनी भावुक हो गईं. उनके दो बेटे हैं और उन्हें बेटी की काफी इच्छा थी. बच्ची में उन्हें अपनी बेटी की झलक नजर आई.

मंदाकिनी ने पुलिस की ड्यूटी के साथ-साथ एक मां की तरह बच्ची की देखभाल की. उन्होंने बच्ची को नहलाया, नए कपड़े मंगवाकर पहनाए और उसे प्यार से संभाला. बच्ची भी उनके साथ घुल-मिल गई और थाने में खेलती रही. करीब 24 से 48 घंटे तक बच्ची मंदाकिनी की निगरानी में रही.

इसके बाद पुलिस ने बच्ची के माता-पिता की तलाश शुरू की. बच्ची की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए गए. इसी दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुई रील को देखकर कानपुर के बेकनगंज थाना क्षेत्र के नाजिर बाग निवासी परिवार को अपनी बेटी के बारे में जानकारी मिली. परिवार तुरंत ग्वालटोली थाने पहुंचा.

मूक-बधिर है बच्ची

बच्ची की मां रेशमा खातून ने बताया कि उनकी बेटी परवीन मूक-बधिर है. सोमवार को वह अपनी बड़ी बेटी के घर गई थीं. घर पर परवीन अकेली थी. इसी दौरान उसके पिता किसी काम से बाहर गए थे और पास से निकल रहे अलम के जुलूस को देखने के लिए परवीन घर से बाहर आ गई. इसके बाद वह भीड़ के साथ दूर निकल गई और वापस नहीं लौट पाई.

परिजनों ने बताया कि काफी तलाश करने के बाद उन्होंने स्थानीय थाने में इसकी सूचना दी थी. वहीं पुलिस के प्रयास और सोशल मीडिया की मदद से बच्ची सकुशल परिवार तक पहुंच सकी.

जब मां रेशमा अपनी बेटी को लेकर थाने से वापस जा रही थीं, उस समय भावुक पल देखने को मिला. 24 घंटे तक बच्ची की देखभाल करने वाली हेड कांस्टेबल मंदाकिनी की आंखों में भी आंसू आ गए. पुलिसकर्मी का यह मानवीय चेहरा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.

प्रभाकर श्रीवास्तव

प्रभाकर श्रीवास्तव

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