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Deoria Teacher Suicide Case: 25 हजार के इनामी क्लर्क ने कोर्ट में किया सरेंडर, पूर्व BSA पहले ही जा चुकी हैं जेल

Deoria Teacher Suicide Case: 25 हजार के इनामी क्लर्क ने कोर्ट में किया सरेंडर, पूर्व BSA पहले ही जा चुकी हैं जेल

मृतक टीचर कृष्ण मोहन, क्लर्क संजीव और पूर्व बीएसए शालिनी श्रीवास्तव.

Deoria News: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बहुचर्चित शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह सुसाइड केस में पुलिस के बढ़ते दबाव के आगे आखिरकार 25 हजार के इनामी क्लर्क (लिपिक) संजीव सिंह को झुकना पड़ा. पिछले चार महीनों से फरार चल रहे आरोपी क्लर्क ने शनिवार (20 जून 2026) को कोर्ट में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया. कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में देवरिया की पूर्व बीएसए (BSA) शालिनी श्रीवास्तव और एक रिटायर्ड प्रिंसिपल की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है.

मूल रूप से कुशीनगर के रहने वाले शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की नियुक्ति वर्ष 2016 में देवरिया के गौरीबाजार थाना क्षेत्र स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में हुई थी. वर्ष 2022 में एसटीएफ (STF) की जांच के बाद उन्हें बर्खास्त कर उनका वेतन रोक दिया गया था. इसके खिलाफ शिक्षक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया.

हाईकोर्ट से राहत मिलने के बावजूद देवरिया का बेसिक शिक्षा विभाग उनके आदेश का अनुपालन करने में टालमटोल कर रहा था. मृतक शिक्षक की पत्नी गुड़िया सिंह के आरोपों के मुताबिक, तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह ने बहाली और वेतन जारी करने के एवज में 16 लाख की भारी-भरकम घूस मांगी थी. पीड़ित शिक्षक ने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर और पत्नी के गहने गिरवी रखकर यह रकम आरोपियों को दे भी दी थी, लेकिन इसके बाद भी और पैसों की मांग की जा रही थी तथा उन्हें लगातार अपमानित किया जा रहा था.

सुसाइड से पहले बनाया था वीडियो, जेब से मिला 4 पन्नों का सुसाइड नोट

विभाग के बाबू और अधिकारियों के इस टॉर्चर और आर्थिक तंगी से तंग आकर कृष्ण मोहन सिंह ने गोरखपुर स्थित अपने आवास पर आत्महत्या कर ली थी. आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी किया था, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए देवरिया बेसिक शिक्षा विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों और बाबुओं को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया था. इसके अलावा पुलिस को उनकी जेब से चार पन्नों का एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसमें तत्कालीन BSA शालिनी श्रीवास्तव और क्लर्क संजीव सिंह के नामजद तौर पर काले कारनामों का जिक्र था.

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दर्ज हुआ था मुकदमा, कई जिलों में दबिश के बाद सरेंडर

इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक शिक्षक की पत्नी गुड़िया सिंह ने 22 फरवरी 2026 को गोरखपुर के गुलहरिया थाने में तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और एक अज्ञात के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार) का मुकदमा दर्ज कराया था.

मामला गरमाने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रिटायर्ड प्रिंसिपल अनिरुद्ध सिंह और पूर्व बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को कुछ समय पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. वहीं, देवरिया की रामनाथ कॉलोनी का रहने वाला मुख्य आरोपी क्लर्क संजीव सिंह पिछले चार महीने से फरार चल रहा था. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए कई जिलों में लगातार छापेमारी कर रही थी और उस पर 25,000 का इनाम भी घोषित किया गया था. पुलिस के चौतरफा दबाव के चलते शनिवार को उसने चुपके से अदालत में सरेंडर कर दिया, जहां से उसे सीधे सलाखों के पीछे भेज दिया गया है.

चंद्रप्रकाश शाही

चंद्रप्रकाश शाही

चंद्रप्रकाश शाही को पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. इन्होंने नेशनल न्यूज़ चैनल रिपब्लिक, एपीएन न्यूज़ में भी काम किया है. चंद्रप्रकाश शाही पॉलिटिकल खबरों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय खबरों में भी दिलचस्पी रखते हैं. इन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन के अलावा एलएलबी और कंप्यूटर में तमाम प्रकार की टेक्निकल डिग्री भी हासिल की हैं. वर्तमान में ये टीवी9 भारतवर्ष के संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं.

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