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1 लाख 85 हजार का बिल… गरीब पान विक्रेता ने बिजली विभाग से परेशान होकर दे दी जान, सोचने पर मजबूर कर देगा गाजीपुर का ये मामला

1 लाख 85 हजार का बिल... गरीब पान विक्रेता ने बिजली विभाग से परेशान होकर दे दी जान, सोचने पर मजबूर कर देगा गाजीपुर का ये मामला

मृतक सुरेंद्र.

Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सैदपुर थाना क्षेत्र स्थित मुरादचक गांव से एक बेहद दर्दनाक और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां सड़क किनारे एक छोटी सी गुमटी में पान बेचकर अपने परिवार का पेट पालने वाले सुरेंद्र कश्यप ने कथित तौर पर बिजली विभाग के भारी-भरकम बिल और वसूली के लगातार दबाव से परेशान होकर सल्फास (जहर) खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट ने पूरे सरकारी महकमे और उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक, करीब एक साल पहले बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने सुरेंद्र की दुकान पर छापेमारी की थी. इस कार्रवाई के बाद उन पर लगभग 1 लाख 12 हजार रुपये का जुर्माना और बकाया बिल निर्धारित किया गया था. एक गरीब पान विक्रेता के लिए यह रकम बहुत बड़ी थी. बाद में जब यह मामला तहसील पहुंचा और आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी हुई, तो यह बकाया राशि बढ़कर लगभग 1 लाख 85 हजार रुपये हो गई.

अधिकारियों के चक्कर काट कर थक चुका था पीड़ित

परिजनों का आरोप है कि सुरेंद्र कश्यप इस भारी-भरकम बिल को कम कराने और कोई राहत पाने के लिए लगातार बिजली विभाग और तहसील के अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे. लेकिन उन्हें कोई राहत मिलने के बजाय बार-बार मानसिक प्रताड़ना और भुगतान का दबाव झेलना पड़ रहा था. राजस्व कर्मी और बिजली विभाग के लोग लगातार उनकी दुकान पर पहुंचकर वसूली के लिए धमकाते थे और दुकान बंद कराने की चेतावनी देते थे.

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बेटियों की शादी की चिंता और टूटती उम्मीदें

मृतक की पत्नी ज्ञानती ने रोते हुए बताया कि सुरेंद्र अक्सर भारी तनाव में रहते थे और कहा करते थे कि “अगर मैं मर जाऊं, तो शायद यह बिल और जुर्माना खत्म हो जाएगा.” परिवार की माली हालत पहले से ही बेहद खराब थी. ऊपर से दो जवान बेटियों की शादी की चिंता और इस बढ़ते कर्ज के बोझ ने सुरेंद्र को अंदर से पूरी तरह तोड़ दिया था. इस खौफनाक कदम के बाद पूरे गांव में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है.

अनिल कुमार

अनिल कुमार

मैं अनिल कुमार वर्ष 2007 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. मैंने अपने करियर की शुरुआत S1 से की थी. दिसंबर 2007 में मैं Zee News से जुड़ा और गाजीपुर की खबरों पर पैनी नजर रखते हुए कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट कीं. इसके बाद India TV और News18 India (पूर्व IBN7) के लिए भी काम किया और जिले में मजबूत पहचान बनाई. मेरी गेहूं सड़ने की खबर पर उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया था, जो मेरी प्रभावशाली रिपोर्टिंग का उदाहरण है. TV9 पर प्रसारित मेरी दिव्यांग बच्चों से जुड़ी रिपोर्ट के बाद शासन-प्रशासन सक्रिय हुआ और राज्यपाल ने गाजीपुर पहुंचकर प्रभावित बच्चों से मुलाकात की.

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