उत्तर प्रदेशभारत

इटावा के भरथना रेलवे स्टेशन पर टला बड़ा हादसा, दो महिलाएं ट्रैक पर गिरी… ऊपर से गुजरी ट्रेन, ऐसे बची जान

इटावा के भरथना रेलवे स्टेशन पर टला बड़ा हादसा, दो महिलाएं ट्रैक पर गिरी… ऊपर से गुजरी ट्रेन, ऐसे बची जान

Etawah News: उत्तर प्रदेश इटावा के भरथना रेलवे स्टेशन पर रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया. ट्रेन में चढ़ने और उतरने के दौरान ज्यादा भीड़ और धक्का-मुक्की के चलते दो महिलाएं अचानक पटरी पर गिर गईं. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, ट्रेन चल पड़ी और उनके ऊपर से दो बोगियां गुजर गईं. चीख-पुकार के बीच यात्रियों ने शोर मचाया, तब जाकर ट्रेन रोकी जा सकी और दोनों महिलाओं को जिंदा बाहर निकाला गया.

सुबह करीब 9:19 बजे टूंडला से कानपुर की ओर जा रही मेमू पैसेंजर ट्रेन संख्या 68588 भरथना रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर रुकी थी. इसी दौरान फिरोजाबाद की लेबर कॉलोनी निवासी 45 वर्षीय आशा देवी अपने दामाद विवेक, भांजी अंशिका और बड़ी बहन सुधा के साथ पखनगोई गांव जाने के लिए ट्रेन से उतर रही थींय. वहीं, दूसरी ओर उन्नाव के शुक्लागंज बाजपेई का हाता निवासी 70 वर्षीय यशोदा देवी अपनी बहन के बेटे राजकुमार के साथ लखना के पास स्थित अपने मायके टीकमपुर में आयोजित अखंड रामायण में शामिल होकर वापस लौट रही थीं और ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रही थीं.

ये भी पढ़े: बुजुर्ग महिलाओं को ज्यादा सोना पहनना मना है छतरपुर में पुलिस बनकर की ठगी, सोने की चेन लेकर फरार हो गए बाइक सवार-Video

ट्रेन से नीचे गिरी महिलाएं

प्लेटफार्म पर अत्यधिक भीड़ होने के कारण दोनों महिलाओं को जोर का धक्का लगा और वे संतुलन खोकर ट्रेन के नीचे झिरी के रास्ते पटरी पर गिर गईं. महिलाओं के गिरते ही ट्रेन चल पड़ी और कुछ ही सेकंड में उनके ऊपर से दो बोगियां गुजर गईं. यह दृश्य इतना भयावह था कि प्लेटफार्म पर मौजूद लोग दहशत में आ गए और जोर-जोर से चिल्लाने लगे. यात्रियों के शोर ने लोको पायलट का ध्यान खींचा और उसने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी.

सावधानी से किया गया रेस्क्यू

उस समय दोनों महिलाएं ट्रेन के नीचे फंसी हुई थीं और हर किसी की सांसें थम गईं थीं. घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी, आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया. काफी सावधानी और तेजी के साथ दोनों महिलाओं को ट्रेन के नीचे से सुरक्षित बाहर निकाला गया. 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरथना भेजा गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया.

घटना से दहशत में परिवार

घटना के बाद आशा देवी ने बताया कि अत्यधिक भीड़ के कारण वे नियंत्रण खो बैठीं और ट्रेन के नीचे गिर गईं. वहीं यशोदा देवी ने बताया कि उन्हें बचाने के दौरान उनके साथ मौजूद राजकुमार के हाथ में भी चोट लग गई. इस हादसे ने पूरे परिवार को हिला कर रख दिया. आरपीएफ कांस्टेबल सुरेश सिंह, जीआरपी कांस्टेबल कमल कांत और स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार ने मौके पर सूझबूझ और तेजी दिखाते हुए घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया.

अधिकारियों के अनुसार समय पर उठाए गए कदमों से एक बड़ा हादसा टल गया. घटना के कारण ट्रेन करीब 10 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही, लेकिन सबसे बड़ी राहत यही रही कि दोनों महिलाओं की जान बच गई.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button