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विचार, साधना और सृजन का संगम है पूर्वांचल… Purvanchal Mahotsav-9 में गूंजा संदेश

विचार, साधना और सृजन का संगम है पूर्वांचल… Purvanchal Mahotsav-9 में गूंजा संदेश

पूर्वांचल देश की उस गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है, जिसने सदियों से पूरे विश्व को दिशा दी है. यहां की धरती केवल भौगोलिक सीमा नहीं है, बल्कि विचार, साधना और सृजन की भूमि रही है. ये बातें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गांधी दर्शन प्रांगण, राजघाट में पूर्वांचल महोत्सव-9 के सम्मान सत्र को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि कहीं.

ओम बिरला ने कहा, जब हम पूर्वांचल की बात करते हैं तो ऐसी ऊर्जा का अनुभव होता है, जो समाज के हर क्षेत्र चाहे वह सार्वजनिक जीवन हो, कला हो या सामाजिक सरोकार, में दिखाई देती है. यह क्षेत्र अपने भीतर अनगिनत सांस्कृतिक रंगों को समेटे हुए है. उन्होंने पूर्वांचल की 6 हस्तियों को माटी सम्मान-9 से सम्मानित भी किया, जिनमें फैज अहमद किदवई (डायरेक्टर जनरल, डीजीसीए), डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, (कृषि आयुक्त, भारत सरकार), प्रोफेसर वंदना सिंह (कुलपति, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर), रवि शंकर राय (संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक सवित्री ग्रुप ऑफ कंपनीज़), राजेश सिंह दयाल (संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक दयाल ग्रुप ऑफ कंपनीज़) और श्वेता त्रिपाठी (फिल्म अभिनेत्री) शामिल हैं.

Purvanchal

दृढ़ संकल्प से सफलता के शिखर तक पहुंच सकते हैं

वरिष्ठ सांसद और माटी के संरक्षक जगदंबिका पाल ने कहा, सभी पुरस्कार विजेताओं ने राष्ट्र-निर्माण और पूर्वांचल की माटी में अंकुरित बौद्धिक एवं रचनात्मक प्रयासों से राष्ट्र को गौरवान्वित करने का काम किया है. यह सिद्ध किया है कि यदि व्यक्ति के लक्ष्य ऊंचे एवं स्पष्ट हों तथा मन में दृढ़ संकल्प हो तो शिखर तक पहुंचा जा सकता है.

Om Birla

माटी ने लगातार खुद को सिद्ध किया

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष एवं माटी संरक्षक राम बहादुर राय ने कहा कि माटी ने निरंतर स्वयं को सिद्ध किया है. अपने दम पर खड़ी यह संस्था पूर्वांचल की आकांक्षाओं को नए रूप दे रही है. माटी संयोजक आसिफ आजमी ने कहा, माटी जल्द ही दिल्ली एनसीआर में एक पूर्वांचल सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण करने वाली है.

पूर्वांचल की मिट्टी में एक खास ताकत है

उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्र ने कहा कि पूर्वांचल की मिट्टी में एक खास ताकत है, जो व्यक्तित्व को गढ़ती है. माटी संस्था उसी मिट्टी से उगने वाला एक छायादार वृक्ष है. माटी दिल्ली एनसीआर में एक पुर्वांचल सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण मिशन पर काम कर रही है. ऐसे में पूर्वांचल वासियों को अधिक से अधिक संख्या में माटी का सहयोगी तथा सारथी बनना चाहिए.

Purvanchal Om Birla

पूर्वांचल की धरती से विचारकों ने समाज को दिशा दी

पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने कहा, पूर्वांचल की धरती से विचारकों ने समाज को दिशा दी. वीरों ने देश की रक्षा की और संतों ने मानवता का मार्ग प्रशस्त किया. हमारे प्राचीन ग्रंथों में भी भूमि से यही प्रार्थना की गई है कि वह हमें शक्ति, समृद्धि और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा दे. पूर्वांचल की यह पावन धरती भी उसी भावना को साकार करती है.

Brij Bhushan

देश के निर्माण में अपनी भूमिका निभाती रहेगी ‘माटी’

भोजपुरी स्तर के मुख्य अतिथि सांसद राजीव राय ने कहा, माटी संस्था पूर्वांचल के लोगों को जोड़ने और उसकी कला, संस्कृति और विकास हेतु बड़ी योजनाओं पर काम कर रही है. संगीत सत्र के मुख्य अतिथि पूर्व CEO नीति आयोग अमिताभ कांत ने कहा, मुझे विश्वास है कि ये संस्था समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ एक सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी.

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