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UP में गर्मी से पहले ही ‘हाफ’ रही बिजली, 3 दिन में 3000 मेगावाट की उछाल; इंडक्शन-EV ने बढ़ाया लोड

UP में गर्मी से पहले ही ‘हाफ’ रही बिजली, 3 दिन में 3000 मेगावाट की उछाल; इंडक्शन-EV ने बढ़ाया लोड

उत्तर प्रदेश में मार्च के आखिरी दिनों में बिजली की पीक डिमांड में हो गई है. अचानक 3000 मेगावाट की भारी बढ़ोतरी ने पूरे राज्य को चौंका दिया है. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसे सामान्य मौसम बदलाव से कहीं आगे की चेतावनी माना है. परिषद का आकलन है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण लोग अब बिजली की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. इंडक्शन चूल्हों और अन्य बिजली उपकरणों, जिसमें EV चार्जिंग का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की खपत में भारी उछाल आया है, जिससे आने वाले गर्मी के दिनों में बिजली संकट गहराने का खतरा मंडरा रहा है.

परिषद के अध्ययन के अनुसार, 10 मार्च को अचानक गर्मी बढ़ने पर पीक डिमांड 21,675 मेगावाट तक पहुंच गई थी. 21 मार्च को मौसम ठंडा पड़ने से यह घटकर 18,031 मेगावाट रह गई, लेकिन 24 मार्च को फिर 19,432 मेगावाट हो गई और 26 मार्च को एकाएक उछलकर करीब 21,450 मेगावाट तक जा पहुंची. परिषद ने साफ कहा कि तापमान अभी चरम पर नहीं पहुंचा है, फिर भी इतनी बड़ी मात्रा में लोड बढ़ना सामान्य नहीं है.

पेट्रोल-डीजल-गैस का सीधा असर

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद का कहना है कि बाजार में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री अब बड़े पैमाने पर हो रही है. गैस सिलेंडर की आपूर्ति और कीमत को लेकर उपभोक्ताओं में आशंका है, इसलिए लोग इंडक्शन उपकरण अपनाने लगे हैं. साथ ही पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों के चलते इलेक्ट्रिक वाहनों EVS की संख्या सड़कों पर तेजी से बढ़ रही है. इन दोनों ही कारणों से बिजली की खपत में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है. परिषद का अनुमान है कि अगर यही रुझान जारी रहा तो गर्मी बढ़ते ही बिजली पर और भारी दबाव पड़ेगा.

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष एवं सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली कंपनियों और पावर कॉरपोरेशन को इस स्थिति को बेहद गंभीरता से लेना होगा. अभी एयर कंडीशनर का इस्तेमाल सीमित है, लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ एसी लोड भी तेजी से चढ़ेगा. पेट्रोल-डीजल-गैस की महंगाई के कारण लोग इंडक्शन चूल्हे और EV का ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं, जिससे बिजली की मांग पहले से ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है.

बिजली की अचानक बढ़ी मांग

वर्तमान रुझान साफ बताते हैं कि इस साल पीक डिमांड पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगी. परिषद ने पावर कॉरपोरेशन से ये मांग की है कि बिजली मांग में अचानक वृद्धि के असली कारणों का विस्तृत अध्ययन किया जाए. इंडक्शन उपकरणों और EV चार्जिंग के प्रभाव का अलग-अलग आकलन किया जाए. इसके लिए बाजार में बिक रहे इंडक्शन चूल्हों और इलेक्ट्रिक वाहनों का सर्वे कराकर सटीक तैयारी की जाए. आने वाले गर्मी के महीनों के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. पीक डिमांड से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर अग्रिम रणनीति तैयार की जाए.

समय रहते उठाएं उचित कदम, नहीं तो…

अवधेश कुमार वर्मा ने आगाह किया, अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो गर्मी के चरम पर पूरे प्रदेश को बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद का यह अलर्ट ऐसे समय में आया है, जब उत्पादन, खरीद और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत सबसे ज्यादा है. पेट्रोल-डीजल-गैस की कमी ने आम आदमी को बिजली की ओर धकेल दिया है, लेकिन सिस्टम इस अतिरिक्त लोड को संभाल पाएगा या नहीं, यह आने वाले दिनों की सबसे बड़ी परीक्षा है.

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