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कानपुर में मुकदमा, विदेश से सुलहनामा… सऊदी अरब से Video कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी, जानें पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के कानपुर में मारपीट और दहेज उत्पीड़न के मामले में आरोपी की सऊदी अरब से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही कराई गई. दरअसल, कानपुर के रहने वाले अनस मोहम्मद रियाद में थे. इसलिए इनकी गवाही के लिए सऊदी अरब से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही कराई गई.

कानपुर के कर्नलगंज निवासी मुस्लिम महिला का निकाह अनस मोहम्मद से 4 दिसंबर, 2023 को हुआ था. निकाह के एक साल के अंदर ही पत्नी ने अपने पति के खिलाफ दहेज, मारपीट के साथ मुस्लिम महिला अधिनियम के तहत थाना बेकनगंज में मुकदमा दर्ज कराया. इस मामले में जांच के बाद पुलिस द्वारा चार्जशीट भी कोर्ट में फाइल कर दी गई.

चार्जशीट दाखिल होने के बाद दहेज के मुकदमे को लेकर पति और पत्नी के बीच सुलह समझौता हो गया और इसके बाद पति किसी आवश्यक कार्य से सऊदी अरब चला गया. सुलह समझौते में तस्दीक के लिए जब पति को बुलाया गया तो पति इलाहाबाद हाई कोर्ट चला गया और वहां से 18 सितंबर, 2025 को हाई कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पति की गवाही की अनुमति प्रदान कर दी.

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी

यह पूरा मामला एसीजे जेडी 2 शुभम द्विवेदी की कोर्ट में चल रहा था. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कॉर्डिनेटर शलभ श्रीवास्तव ने बताया कि यह अपनी तरह का पहला मामला था जिसमें सऊदी अरब से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कराई जानी थी. इसके लिए कुल चार लोगों की टेक्निकल टीम ने काम किया जिसमें शलभ के साथ अमित कुमार, संजीव और मानवेंद्र सिंह शामिल थे. दोनों देशों के बीच तीन ई-मेल का आदान प्रदान हुआ.

इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली थी अनुमति

शलभ ने बताया कि दोनों देशों के बीच करीब तीन घंटे का फर्क था जिसको देखते हुए दोपहर करीब दो बजे यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही कराई गई. रियाद में मौजूद इंडियन एंबेसी में बैठकर पति ने अपने को तस्दीक कराया. गौरतलब है कि नए कानून बीएनएस के आने के बाद ऑनलाइन गवाही का प्रावधान हो गया है लेकिन यह मामला उससे पहले का होने के कारण इसके लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट से अनुमति लेनी पड़ी. इससे पहले कानपुर से अमेरिका में गवाही भी हो चुकी है.

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