विश्व

शेख हसीना को मौत की सजा के खिलाफ बांग्लादेश बंद, अवामी लीग का ऐलान- यूनुस सरकार के पतन तक करेंगे प्रदर्शन


बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देश में स्थिति काफी बिगड़ गई थी, लेकिन अब मंगलवार (18 नवंबर, 2025) को हालात बेहतर हैं. हालांकि, अवामी लीग ने देशव्यापी पूर्ण बंद का आह्वान किया है. सुरक्षा बल प्रमुख शहरों पर निगरानी रख रहे हैं.

सोमवार को बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाई थी. उन पर आरोप लगाया गया है कि पिछले साल बांग्लादेश में तख्तापलट के दौरान लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सुरक्षाबलों ने ड्रोन और हेलीकॉप्टरों से गोलीबारी की. जस्टिस गुलाम मुर्तजा मोजुमदार की अध्यक्षता वाली बेंच ने 453 पेज के फैसले में शेख हसीना को उकसावे, हत्या का आदेश देने और अपराधों को रोकने में विफलता का दोषी करार दिया है. 

फैसला आने के बाद किसी तरह की हिंसा की सूचना नहीं मिली, जबकि ढाका और अन्य प्रमुख शहरों में यातायात बेहद कम रहा और संभावित अशांति की आशंका के बीच लोगों की आवाजाही सीमित रही. ढाका के एक परिवहन ऑपरेटर ने कहा, ‘परिवहन व्यवस्था धीमी है, लोग घरों में रहना पसंद कर रहे हैं.’

कई कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में भी उपस्थिति कम रही. भारी हथियारों से लैस पुलिस, रैपिड एक्शन बटालियन और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों ने सरकारी इमारतों, पार्टी कार्यालयों और प्रमुख चौराहों के आसपास 24 घंटे गश्त जारी रखी. ढाका के कई हिस्सों में सुरक्षा घेरा बनाए रखा गया, जबकि बैरिकेड और चौकियों पर निगरानी जारी रही.

अवामी लीग ने सोमवार को सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में मंगलवार को देशव्यापी पूर्ण बंद का आह्वान किया था. पार्टी ने 19 से 21 नवंबर तक देशव्यापी प्रदर्शन, विरोध और प्रतिरोध का भी ऐलान किया है. बयान में कहा गया, ‘हमारा व्यवस्थित लोकतांत्रिक आंदोलन हत्यारे–फासीवादी (मुहम्मद) यूनुस की अवैध, असंवैधानिक सरकार के पतन और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की बहाली तक जारी रहेगा.’

अवामी लीग ने फैसले को राजनीति से प्रेरित, दुर्भावनापूर्ण, प्रतिशोधात्मक और विद्वेषपूर्ण बताया है. फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए शेख हसीना ने आरोपों को पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि यह फैसला एक धांधली वाले न्यायाधिकरण ने सुनाया है, जिसे बिना जनादेश वाली, अलोकतांत्रिक सरकार चला रही है.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button