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सुनसान इलाके में घर, अंधेरे में आती थी गाड़ियां…सहारनपुर को जैश का ठिकाना बनाना चाहता था डॉ आदिल!

सुनसान इलाके में घर, अंधेरे में आती थी गाड़ियां...सहारनपुर को जैश का ठिकाना बनाना चाहता था डॉ आदिल!

डॉक्टर आदील अहमद सहारनपुर से अरेस्ट

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से श्रीनगर पुलिस ने हाल ही में एक निजी अस्पताल के डॉक्टर आदील अहमद राठर को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियों को शक है कि आदील आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम कर रहा था और सहारनपुर में जैश का नया बेस एरिया बनाने की साजिश रच रहा था. सूत्रों के अनुसार, आदील युवाओं को कथित जैश की विचारधारा से जोड़ने और उन्हें संगठन में भर्ती करने की रणनीति पर काम कर रहा था.

एजेंसियों को मिले इनपुट्स से पता चला है कि वह रिक्रूटमेंट कमांड सेंटर जैसी व्यवस्था तैयार करने की योजना में था. इसके जरिए वह मेडिकल और दीनी तालीम लेने वाले छात्रों को प्रभावित कर उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करना चाहता था. आदील के संपर्क में कई छात्र थे, जिनमें बड़ी संख्या में कश्मीरी युवा भी शामिल थे.

आदिल के लैपटॉप में क्या मिला?

एजेंसियों ने उसकी गिरफ्तारी के बाद मोबाइल और लैपटॉप जब्त किए हैं, जिनसे कई अहम चैट और संपर्क नंबर मिले हैं. इन सुरागों के आधार पर अब सहारनपुर के दारुल उलूम देवबंद समेत कई दीनी संस्थानों और हॉस्टलों में रह रहे बाहरी छात्रों की जांच की जा रही है.

जम्मू-कश्मीर का रहने वाला डॉ. आदील, अपने साथी डॉक्टर मुजम्मिल की सलाह पर वेस्ट यूपी में ठिकाना तलाश रहा था. उसने हरियाणा के एक बड़े हॉस्पिटल ग्रुप की वेबसाइट के जरिए आवेदन किया और 24 अक्टूबर 2024 को सहारनपुर के वी-ब्रॉस हॉस्पिटल में ज्वाइन किया. करीब पांच महीने बाद उसने नौकरी छोड़ दी और फेमस मेडिकेयर हॉस्पिटल में पांच लाख रुपये मासिक सैलरी पर नई नौकरी हासिल की.

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, सहारनपुर की भौगोलिक स्थिति आदील की साजिश के लिए रणनीतिक रूप से अनुकूल थी. यहां से हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमाएं नजदीक हैं, जिससे मूवमेंट आसान हो जाता है. इसके अलावा, देवबंद में मौजूद इस्लामिक शिक्षण संस्थान के कारण यहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं, जिनसे आदील संपर्क बनाकर ब्रेनवॉश करने की कोशिश कर रहा था.

दो अस्पताल और दो मकान बदले

गिरफ्तारी से पहले आदील ने एक साल के अंदर दो अस्पताल और दो मकान बदले. उसने ऐसे घर चुने जो सेपरेट, सुनसान और बिना सीसीटीवी कैमरे वाले इलाकों में थे. सूत्रों के मुताबिक, वह हमेशा ऐसे मकान में कमरे किराए पर लेता था, जिनमें दो दरवाजे हों, ताकि किसी के आने पर दूसरे रास्ते से निकल सके.

उसने किराए पर पहला कमरा दिल्ली रोड की पैरामाउंट ट्यूलिप कॉलोनी में लिया था, जो हिंदू बहुल इलाका था. बाद में वह अंबाला रोड की मुस्लिम बस्ती में शिफ्ट हो गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, आदील किसी से बातचीत नहीं करता था और अक्सर रात में कई गाड़ियां उसके घर आती थीं. पड़ोसियों ने बताया कि अदिल रात में आठ-दस लोग आते और सुबह तक रुकते थे. वह ऑनलाइन खाना मंगवाता था और दिन में सिर्फ अस्पताल जाता था.

एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि वी-ब्रॉस हॉस्पिटल में रहते हुए आदील ने अपने साथी डॉ. मुजम्मिल को भी सहारनपुर बुलाने की कोशिश की थी. उसने अस्पताल प्रबंधन से फोन पर उसकी सिफारिश की थी, लेकिन इससे पहले ही उसने नौकरी छोड़ दी. फिलहाल जांच एजेंसियां आदील के तीन करीबी संपर्कों से पूछताछ कर रही हैं और उसके नेटवर्क से जुड़े संभावित अन्य लोगों की पहचान की जा रही है.

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