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5 लाख सैलरी, सहारनपुर में गिरफ्तारी से पहले खाई बिरयानी; जैश ए मोहम्मद का पोस्टर लगाने वाले डॉ आदिल की शादी की फोटो वायरल

5 लाख सैलरी, सहारनपुर में गिरफ्तारी से पहले खाई बिरयानी; जैश ए मोहम्मद का पोस्टर लगाने वाले डॉ आदिल की शादी की फोटो वायरल

सहारनपुर से डॉ आदिल अरेस्ट

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किए गए डॉक्टर आदिल अहमद के मामले में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बीते गुरुवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सहारनपुर के मशहूर फेमस मेडिकेयर अस्पताल में कार्यरत डॉ. आदिल को हिरासत में लिया था. अब जांच एजेंसियों को शक है कि उसका कनेक्शन उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR और हरियाणा में फैले एक बड़े आतंकी नेटवर्क से हो सकता है.

डॉ आदिल ने मार्च 2025 में सहारनपुर के फेमस मेडिकेयर अस्पताल में बतौर जनरल फिजिशियन काम शुरू किया था. यहां उसे लगभग पांच लाख रुपये महीने का वेतन मिल रहा था. इससे पहले वह दिल्ली रोड स्थित वी ब्रॉस अस्पताल में कार्यरत था. बताया जा रहा है कि एक अन्य डॉक्टर की सिफारिश पर ही उसे फेमस मेडिकेयर में नौकरी मिली थी.

क्या बोला अस्पताल स्टाफ?

अस्पताल स्टाफ और मरीजों का कहना है कि डॉ. आदिल बेहद मिलनसार, शांत स्वभाव का और मरीजों के बीच लोकप्रिय डॉक्टर था. इलाज के दौरान उसने कभी कोई लापरवाही नहीं की. अस्पताल प्रशासन को भी उसके खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली थी. एक स्टाफ सदस्य ने कहा, हमने कभी नहीं सोचा था कि इतना प्रोफेशनल और नम्र डॉक्टर किसी आतंकी नेटवर्क से जुड़ा निकलेगा.

गिरफ्तारी के दिन डॉ. आदिल सरसावा इलाके के एक फूड कोर्ट में बिरयानी खा रहा था, तभी जम्मू-कश्मीर पुलिस और सहारनपुर एसओजी की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार किया. सूत्रों के अनुसार, उसी दिन उसने अस्पताल प्रशासन से छुट्टी ली थी, यह कहते हुए कि उसकी मां बीमार है और वह घर जाना चाहता है. उसने यह भी कहा था कि शायद वह अब वापस नहीं लौट पाएगा. जांच एजेंसियों को संदेह है कि उसे अपनी गिरफ्तारी का अंदेशा पहले से था और वह शहर छोड़ने की तैयारी कर रहा था.

4 अक्टूबर को जम्मू में शादी हुई थी

सूत्र बताते हैं कि डॉ. आदिल के तीन साथी इस वक्त एटीएस की हिरासत में हैं. इसके अलावा, आदिल की हाल ही में हुई शादी में शामिल सहारनपुर के डॉक्टरों से भी पूछताछ की जा रही है. बीते 4 अक्टूबर को उसकी शादी जम्मू में हुई थी, जिसमें फेमस मेडिकेयर के कई डॉक्टर शामिल हुए थे. एजेंसियों का मानना है कि इस नेटवर्क में कुछ शिक्षित युवाओं और प्रोफेशनल्स को फ्रंट के तौर पर इस्तेमाल किया गया, ताकि किसी को शक न हो.

दरअसल, जम्मू-कश्मीर में 27 अक्टूबर को जैश-ए-मुहम्मद (JeM) के पोस्टर चिपकाए जाने की घटना के बाद जांच शुरू हुई थी. सीसीटीवी फुटेज में पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति की पहचान डॉ. आदिल के रूप में हुई. इसके बाद दिल्ली-NCR और फरीदाबाद में छापेमारी के दौरान विस्फोटक सामग्री, टाइमर यूनिट और हथियार बरामद किए गए.

एजेंसियों को आशंका है कि डॉ. आदिल और उसके संपर्क पश्चिमी यूपी में एक सक्रिय मॉड्यूल तैयार करने की कोशिश में थे. हालांकि, फिलहाल यह शुरुआती जांच के दावे हैं. आदिल की गिरफ्तारी के बाद अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टरों और स्टाफ में दहशत का माहौल है.

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