80 साल का पति, 76 की पत्नी… अलीगढ़ में शादी के 50 साल बाद दंपति के बीच तलाक, जानें क्यों | UP Aligarh Old age couple divorced after 50 years of marriage stwn

अलीगढ़ में शादी के 50 साल बाद दंपति ने लिया तलाक
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक तलाक का मामला इन दिनों हर किसी के लिए चर्चा का विषय बन गया है. दरअसल शादी के 50 साल बाद एक दंपति ने तलाक लिया है. इस मामले में फैमिली कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 80 साल के पति को अपनी 76 साल की पत्नी को हर महीने खर्च के लिए 5 हजार रुपये देने के फैसला सुनाया है. उनके रिश्ते को बरकरार रखने के लिए काउंसलिंग भी की गई लेकिन, पति-पत्नी दोनों ही अलग-अलग रहने की जिद पर अड़े रहे.
जानकारी के मुताबिक जिला सेशन कोर्ट अलीगढ़ में अपर जज फैमिली कोर्ट थर्ड ज्योति सिंह की अदालत ने बुजुर्ग पति-पत्नी के बीच तलाक के मामले में फैसला सुनाया है. शादी के 50 साल बाद बुजुर्ग दंपति में अलग-अलग रहने का फैसला लिया है. कहा जाता है कि जीवन के अंतिम पड़ाव में बुजुर्ग दंपति के जीवन की डोर मजबूत हो जाती है लेकिन अलीगढ़ में इसके उलट देखने को मिला है.
कोतवाली बन्नादेवी क्षेत्र के रिसाल नगर की रहने वाली 76 साल की बुजुर्ग पत्नी गायत्री देवी ने 2018 में अपने 80 वर्षीय पति मुनेश गुप्ता के खिलाफ भरण पोषण को लेकर कोर्ट में वाद दायर किया था. किरण देवी ने अपनी अपील में कोर्ट को बताया कि 25 मई 1972 को उनकी शादी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार हुई थी. उनके तीन बेटी और दो बेटों हैं. आरोप है कि शादी के बाद से ही धीरे-धीरे पति के व्यवहार में काफी बदलाव आ गया. पति के द्वारा उसके साथ किया जा रहे दुर्व्यवहार को वह एक लंबे समय तक सहती रही. उन्होंने बताया कि उनके पति ने उन्हें एक कमरा दे दिया और उन्हें छोड़कर अलग रहने लगा.
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पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार
80 साल के पति मुनेश गुप्ता के खिलाफ भरण पोषण को लेकर अदालत में वाद दायर किया गया. इसके बाद कोर्ट ने आरोपी पति के खिलाफ समन जारी कर कोर्ट में पेश होने को कहा. मुनेश के पेश होने के बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए कहा. जांच के बाद कोर्ट ने दोनों को काउंसलिंग के लिए भेजा जहां एडवोकेट और काउंसलर योगेश सारस्वत ने बुजुर्ग पति-पत्नी को काफी समझाया.
संपत्ति को लेकर है विवाद
पति मुनेश काउंसलिंग में किसी भी सूरत में अपनी बुजुर्ग पत्नी को अपनी पेंशन से धनराशि दिए जाने को सहमत नहीं हुए. इसके बाद काउंसलिंग को समाप्त किया गया. कोर्ट ने मुनेश के खिलाफ फैसला सुनाते हुए आदेश दिया है कि मुनेश हर महीने अपनी पेंशन से बुजुर्ग पत्नी गायत्री देवी को 5 हजार रुपये भरण-पोषण के लिए देंगे. बता दें कि पति मुनेश स्वास्थ्य विभाग में सुपरवाइजर के पद से रिटायर हुए हैं. उन्हें फिलहाल करीब 35 हजार रुपये पेंशन मिली है. वहीं पति-पत्नी दोनों अलग-अलग रहते हैं. पति मुनेश बड़े बेटे के पास तो पत्नी छोटे बेटे के साथ रहती हैं. मुनेश अपने छोटे बेटे को संपत्ति में हिस्सा नहीं देना चाहते हैं.
इनपुट – मोहित गुप्ता / अलीगढ़.
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