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8 ATM कार्ड, तीन आधार और… मुरादाबाद में करोड़ों की GST चुराने वालों को पुलिस ने पकड़ा

8 ATM कार्ड, तीन आधार और... मुरादाबाद में करोड़ों की GST चुराने वालों को पुलिस ने पकड़ा

मुरादाबाद पुलिस ने जीएसटी चुराने वाले गिरोह को पकड़ा

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के सिविल लाइंस पुलिस के साथ पुलिस की स्पेशल टीम ने करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी कर राज्य को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले एक बड़े फर्जीवाड़ा गैंग का खुलासा किया है. पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 8 एटीएम कार्ड, एक मोबाइल फोन और तीन आधार कार्ड बरामद किए गए हैं. मुरादाबाद पुलिस, एसओजी और संयुक्त IT टीम को यह बड़ी सफलता मिली है. टीम ने जीएसटी फर्जीवाड़ा करने वाले संगठित गिरोह को पकड़ते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

ये आरोपी लंबे समय से फर्जी बिल तैयार कर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी कर रहे थे. जिससे राज्य सरकार को भारी नुकसान हो रहा था. गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान इम्तियाज मलिक, निवासी शास्त्री नगर थाना नौचंदी मेरठ, और इफ्तेखार आलम उर्फ दानिश कबाड़ी, निवासी चमकनी गौरियापुर थाना रामचन्द्र मिशन शाहजहांपुर के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार ये दोनों आरोपी फर्जी रजिस्ट्रेशन आईडी, ई-वे बिल और इनवॉइस तैयार कर एक बड़ा रैकेट चला रहे थे.

तफ्तीश में पता चला कि दोनों ने दो फर्जी फर्में बनाईं और उन्हीं के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जी कारोबार दिखाया गया. पूछताछ में मुख्य आरोपी इम्तियाज ने बताया कि वर्ष 2022 में उसका टायर और वॉशिंग मशीन का कारोबार ठप हो गया था. आर्थिक हालात बिगड़ने पर वह दिल्ली में सक्रिय फर्जी जीएसटी फर्म बनाने वाले गिरोह से जुड़ गया. दिल्ली में 50,000 से 1.5 लाख रुपये तक में फर्जी आईडी और ई-वे बिल बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी.

जीएसटी की चोरी

इन फर्जी आईडी के माध्यम से 6 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी लेन-देन कर जीएसटी चोरी की गई. इम्तियाज ने स्वीकार किया कि वह इस पूरे खेल में सिर्फ कमीशन लेकर फर्जी बिलिंग का हिस्सा बनता था. दूसरा आरोपी इफ्तेखार इन फर्जी आईडी पर खातों का संचालन करता था और मोबाइल नंबर व अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराता था. फर्जी कागज़ातों के आधार पर ये लोग व्यापार का भ्रम पैदा कर आसानी से टैक्स चोरी करते थे.

4-5 करोड़ की अवैध कमाई

पुलिस के मुताबिक यह गैंग अब तक लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये की अवैध कमाई कर चुका है. तकनीकी सर्विलांस और इनपुट के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया. मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग सक्रिय हैं. फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस दिल्ली स्थित कॉल सेंटर संचालकों और अन्य साथियों की भी तलाश कर रही है.

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