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7 साल तक स्कूल से गायब रही टीचर, नोटिस का भी नहीं दिया जबाव… अब BSA ने की बड़ी कार्रवाई

7 साल तक स्कूल से गायब रही टीचर, नोटिस का भी नहीं दिया जबाव... अब BSA ने की बड़ी कार्रवाई

बेसिक शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में बेसिक शिक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है. यहां सात सालों से विद्यालय से अनुपस्थित चल रही सहायक टीचर अनुपम यादव की सेवा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा समाप्त कर दी गई है. शिक्षिका पिछले सात सालों से लगातार विद्यालय से अनुपस्थित चल रही थीं और विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. इसके चलते यह निर्णय लिया गया.

मामला विकास खंड औरैया के प्राथमिक विद्यालय जैतापुर (इंग्लिश मीडियम) से जुड़ा है, जहां सहायक टीचर अनुपम यादव जुलाई 2018 से लगातार अनुपस्थित चल रही थीं. जब यह मामला निरीक्षणों में सामने आया, तो तत्कालीन बीएसए चंदना राम इकबाल यादव ने 10 सितंबर 2021 को उन्हें निलंबित कर दिया था.

इसके बाद, 6 अक्टूबर 2022 को तत्कालीन बीएसए विपिन कुमार ने जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें मूल वेतन पर बहाल भी कर दिया. हालांकि, बहाली आदेश मिलने के बावजूद शिक्षिका ने न तो कार्यभार ग्रहण किया और न ही विद्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.

2018 से गायब थी शिक्षक

इस मामले ने 5 सितंबर 2024 को तब तूल पकड़ा, जब जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया और पाया कि शिक्षिका 2018 से विद्यालय नहीं आ रही हैं. इसके बाद, वर्तमान बीएसए संजीव कुमार ने शिक्षिका को 15 दिन में पक्ष प्रस्तुत करने के लिए नोटिस भेजा. विभाग द्वारा बहाली आदेश, पत्र, रजिस्टर्ड डाक और सभी आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराए गए, लेकिन शिक्षिका ने इन्हें प्राप्त करने या स्कूल जॉइन करने का कोई प्रयास नहीं किया.

नोटिस का नहीं आया जवाब

इसके बाद बीएसए कार्यालय ने 24 फरवरी, 5 मार्च, 10 सितंबर और 9 अक्टूबर 2025 को कुल पांच नोटिस जारी किए, लेकिन शिक्षिका किसी भी तिथि पर स्वयं उपस्थित नहीं हुईं. विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि वह 2 जुलाई 2018 को जॉइन हुए थे और उसके बाद से अनुपम यादव विद्यालय नहीं आईं हैं. उनकी 23 जुलाई 2018 से एक भी उपस्थिति नहीं है. प्रधानाचार्य ने यह भी पुष्टि की कि 15 नवंबर को उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से शिक्षिका की सेवा समाप्ति की सूचना मिली.

7 साल बाद हुई कार्रवाई

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि शिक्षिका लंबे समय से अनुपस्थित थीं. जांच समिति ने उन्हें कई अवसर दिए, लेकिन उन्होंने न तो कोई साक्ष्य प्रस्तुत किया और न ही अपना पक्ष रखा. 2018 से अनुपस्थित रहने, निलंबन और बहाली के बाद भी कार्य पर न लौटने के कारण उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है. बीएसए ने स्पष्ट किया कि शिक्षिका द्वारा इस अवधि में कोई भी वेतन आहरण भी नहीं किया गया है.

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