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7 गोलियां खाकर भी नहीं झुके, अब IAS पद छोड़ दिया… रिंकू सिंह राही की अनकही कहानी

7 गोलियां खाकर भी नहीं झुके, अब IAS पद छोड़ दिया… रिंकू सिंह राही की अनकही कहानी

उत्तर प्रदेश कैडर के 2022 बैच के IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही चर्चा में हैं. वजह- उनका अचानक से इस्तीफा देना. अपने दो पेज के लिखे इस्तीफे में उन्होंने जो मुख्य वजह बताई, वह थी पोस्टिंग न मिलना. शाहजहांपुर जिले में SDM रहते वकीलों के सामने उठक-बैठक लगाने के बाद उन पर एक्शन हुआ था. कुछ महीने पहले उन्हें राजस्व परिषद, लखनऊ से अटैच कर दिया गया था. तब से उन्हें फील्ड में पोस्टिंग नहीं मिली थी. अपने इस्तीफे में उन्होंने इसका खुलकर जिक्र भी किया.

IAS रिंकू सिंह राही ने अपने इस्तीफे में लिखा, “उन्हें न तो लंबे समय से पोस्टिंग दी जा रही है और न ही कोई काम दिया जा रहा है. वे अटैच हैं, लेकिन उन्हें जनसेवा का मौका नहीं दिया. SDM रहते हुए कार्रवाई के बाद उन्हें साइडलाइन कर दिया गया है. हालांकि उन्हें वेतन मिलता रहा, पर काम करने और जनसेवा के मौकों से दूर रखा गया.”

गरीबी से IAS तक का सफर

IAS रिंकू सिंह राही ने भले ही 2022 में IAS की परीक्षा पास की हो, लेकिन उन्हें काफी लंबा प्रशासनिक अनुभव रहा है. 20 मई 1982 को अलीगढ़ (हाथरस) के एक निम्न-मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे रिंकू सिंह राही के पिता आटा चक्की चलाते थे. सरकारी स्कूल से पढ़ाई की, फिर NIT जमशेदपुर से मेटलर्जी में B.Tech किया. GATE में ऑल इंडिया 17वीं रैंक हासिल की. 2004 में UPPCS पास कर 2008 में मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी बने. यहीं से उनकी असली लड़ाई शुरू हुई.

100 करोड़ के घोटाले का खुलासा और 7 गोलियां

2009 में रिंकू सिंह ने समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का भयानक घोटाला उजागर किया. घोटाले की रकम करीब 83 से 100 करोड़ रुपए बताई गई. भ्रष्टाचारियों ने उन्हें घूस का लालच दिया, लेकिन रिंकू नहीं माने. मार्च 2009 में बदमाशों ने उन्हें बैडमिंटन कोर्ट पर घेर लिया. 7 गोलियां दागीं. तीन उनके सिर पर लगीं, जबड़ा चूर-चूर हो गया, एक आंख की रोशनी चली गई. इसके बाद रिंकू सिंह मौत के मुंह से लौटे, लेकिन हिम्मत नहीं हारी.

ये भी पढ़ें- UP: 2022 बैच के IAS रिंकू सिंह राही ने दिया इस्तीफा, SDM रहते वकीलों के सामने लगाई थी उठक-बैठक

स्वस्थ होने के बाद उन्हें भदोही के जिला समाज कल्याण अधिकारी पद पर तैनाती मिली. भदोही के बाद श्रावस्ती, ललितपुर और हापुड़ में उनकी नियुक्ति हुई. हापुड़ में समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा संचालित कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति दी गई.

बताया जाता है कि कोचिंग संस्थान में डायरेक्टर होने के नाते रिंकू सिंह राही जिन विद्यार्थियों को पढ़ाते थे, उन्होंने ही उन्हें UPSC की तैयारी के लिए प्रेरित किया. अपने विद्यार्थियों की बात मानकर रिंकू सिंह राही ने 2021 में UPSC की परीक्षा दी और सफल रहे.

16 प्रयासों के बाद IAS बने

घोटाला उजागर करने के बाद भी रिंकू सिंह राही ने हार नहीं मानी. PCS अधिकारी रहते हुए UPSC की तैयारी की. 16 प्रयास के बाद 2021 में सिविल सेवा परीक्षा में AIR 683 हासिल की दिव्यांग कोटे से. 2022 बैच में UP कैडर मिला. 40 साल की उम्र पार करने के बाद भी उन्होंने सपना पूरा कर दिखाया.

लाल बहादुर शास्त्री IAS अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान उन्हें फील्ड ट्रेनिंग के लिए भेजा गया. ट्रेनी IAS के रूप में शाहजहांपुर जिले में उन्हें तैनाती मिली. जॉइन करते ही पुवायां तहसील का SDM बना दिया गया. रिंकू सिंह राही को 24 जुलाई 2025 को पुवायां तहसील पहुंचकर चार्ज लिया. चार्ज लेने के बाद वह तहसील परिसर का निरीक्षण कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने चार लोगों को खुले में पेशाब करते देखा. उन्होंने मौके पर ही चारों को उठक-बैठक लगाने का निर्देश दे दिया.

वकीलों के सामने लगाई थी उठक-बैठक

उन चारों में से एक के अधिवक्ता के मुंशी होने के नाते वकील आंदोलित हो गए. उन्होंने धरना शुरू कर दिया. जब इसकी जानकारी IAS रिंकू सिंह राही को हुई तो वह खुद वकीलों के बीच पहुंचे. उन्होंने सभी से मामला शांत करने की अपील की. जब लगातार वकीलों का गुस्सा बढ़ता गया तो इसके बाद वह मंच पर खड़े हुए और कहा कि, “इस तहसील का मैं सबसे बड़ा अधिकारी हूं. अगर मेरी बातों से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं आप सभी से माफी मांगता हूं.” इसके बाद रिंकू सिंह राही ने खुद के कान पकड़े और पांच बार उठक-बैठक लगाईं.

SDM पद से हटा दिए गए थे रिंकू सिंह राही

IAS रिंकू सिंह राही की विनम्र अपील के बाद वकीलों का गुस्सा शांत हुआ, लेकिन उनके उठक-बैठक लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो पर खूब मीम्स और रील बनने लगे. प्रशासन की शख्त छवि को भी नुकसान पहुंचा. बात शासन तक पहुंची तो रिंकू सिंह राही को पुवांया तहसील के SDM पद से हटाकर राजस्व परिषद, लखनऊ अटैच कर दिया गया. तब से रिंकू सिंह लखनऊ में अटैच हैं. 8 महीने तक उन्हें कोई पोस्टिंग ही नहीं मिली. आज इस्तीफा देकर उन्होंने कहा कि मुझे समाज कल्याण विभाग में भेज दो. वहां मैं फिर से लोगों की सेवा कर सकता हूं.

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