40 फेक कंपनियां, कागजों में 410 करोड़ का फर्जी लेन-देन…गाजियाबाद का वकील अरेस्ट; कैसे किया फर्जीवाड़ा?

गाजियाबाद में पकड़ा गया GST चोर
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सीजीएसटी के अधिकारियों ने एक फर्जी इनवॉइस रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 410 करोड़ रुपए के फर्जी जीएसटी इनवॉइस जारी करने की बात सामने आई है. जांच में सामने आया है कि इस संगठित फर्जीवाड़े के जरिए 73.70 करोड़ का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) किया गया. सीजीएसटी की टीम ने मामले में एक वकील को गिरफ्तार किया है, जो कि फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड है.
इस बड़े टैक्स चोरी नेटवर्क को मास्टरमाइंड 40 से अधिक फर्जी फर्मों के जरिए से चल रहा था. मुख्य आरोपी की पहचान विनय सिंह के तौर पर हुई है, जो कि पेशे से एक वकील है. पूरे रैकेट को वो ही चल रहा था. आरोपी ने व्यक्तियों के KYC दस्तावेजों में जालसाजी कर खुद को ऑथराइज्ड रिप्रेजेंटेटिव के रूप में पंजीकृत किया था. आरोपी सभी फर्जी फर्मों के GST पोर्टल, ई-वे बिल पोर्टल, TDS पोर्टल, व्यक्तिगत ईमेल खातों के यूजरनेम, पासवर्ड, और OTP अपने मोबाइल नंबर पर प्राप्त कर अकेले ही पूरा रैकेट चला रहा था.
गाजियाबाद में पकड़ा गया CGST चोर
खुफिया इनपुट के आधार पर सीजीएसटी गाजियाबाद के एंटी-इवेजन सेल ने कार्रवाई शुरू की थी, जिसमें फर्जी GST इनवॉइस जारी करने का खुलासा हुआ. आरोपी फर्जी तरीके से सरकारी राजस्व की चोरी करने की कोशिश में था. जांच टीम को आरोपी के पास से 410 करोड़ रुपए के फर्जी लेने-देने की इनवॉइस मिले हैं. उसने 73 करोड़ की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है.आरोपी को 05 दिसंबर को CGST Act, 2017 की धारा 69 के तहत गिरफ्तार किया गया है.
पूछताछ में जुटी टीम
आरोपी पर धारा 132 के तहत दंडनीय अपराधों के आरोप लगाए गए हैं. ज्यूडिशियल कस्टडी के लिए आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा. सीजीएसटी विभाग इस मामले की ओर भी गहनता से आगे की जांच कर रही है. आरोपी से पूछताछ की जा रही है, ताकि पता चल सके कि आखिर कैसे उसने सरकार को चूना लगाने की प्लानिंग तैयारी की थी.

