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स्याना हिंसा: इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या में 5 को उम्रकैद, 33 को 7 साल की जेल; 7 साल पहले हुआ क्या था?

बुलंदशहर के स्याना हिंसा मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. बुलंदशहर एडीजी 12 गोपालजी की कोर्ट ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या मामले में पांच आरोपियों को उम्रकैद और बलवा में 33 दोषियों को सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई है. करीब साढ़े छह साल बाद 30 जुलाई को कोर्ट ने 38 आरोपियों को दोषी करार दिया. जिसके बाद सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया था.

गोली लगने से इंस्पेक्टर की हुई थी मौत

मामले की जांच में 44 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया था. हालांकि फैसला आने से पहले ही पांच आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी की घटना वाले दिन ही गोली लगने से मौत हो गई थी. हिंसा के बाद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की सर्विस रिवॉल्वर आज तक बरामद नहीं हुई है.

38 आरोपियों को मिली सजा

इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता व मौजूदा जिला पंचायत सदस्य योगेश राज समेत 44 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था. इनमें से पांच की मौत हो चुकी है, एक बाल अपचारी रिहा हो चुका है. एडीजे-12 गोपाल जी ने दोषियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था. अदालत ने पांच को इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या का दोषी करार दिया था.

इंस्पेक्टर के परिजनों ने क्या कहा?

आरोपियों को सजा मिलने के बाद इंस्पेक्टर सुुबोध कुुमार सिंह के परिजनों ने खुशी जाहिर की है. दरअसल, जंगलों में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद हिंदू संगठन के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था. इस दौरान थाने को घेर कर आग लगाई गई थी. इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक अन्य युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी.

(रिपोर्ट- सुमित शर्मा/बुलंदशहर)



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