360 डिग्री तक घूमेगा राम मंदिर का ध्वज, किस कपड़े से बनेगा, कितनी होगी लंबाई-चौड़ाई… जानें हर एक डिटेल

अयोध्या राम मंदिर.
अयोध्या के राम मंदिर के शिखर पर विशाल ध्वज स्थापित करने की प्रक्रिया का ट्रॉयल चल रहा है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टियों द्वारा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण की तैयारियों को लेकर मंथन चल रहा. ध्वज के कपड़े को लेकर एक से दो दिनों में अंतिम मोहर लग जाएगी. राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि ध्वज के कपड़े को लेकर भारतीय सेना से भी विचार-विमर्श किया गया है. दो दिन में सेना के अधिकारी और एक्सपर्ट इसको लेकर अपना-अपना विचार राम मंदिर ट्रस्ट से साझा करेंगे.
विशाल ध्वज 360 डिग्री तक मूमेंट करेगा
ये भी बातें निकल कर आई हैं कि राम मंदिर शिखर पर स्थापित होने वाला विशाल ध्वज 360 डिग्री तक मूमेंट करेगा और इसको लेकर सेना के इंजीनियर अपनी तकनीक ट्रस्ट को साझा करेंगे. राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि 25 नवंबर को श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन नहीं होंगे. जो लोग आमंत्रित किए गए हैं, उनके ही दर्शन की व्यवस्था की जाएगी. करीब 5000 लोग आमंत्रित किए गए हैं.
205 फीट पर लहराएगा ध्वज
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर के शिखर पर लगाया जाने वाला ध्वज 205 फीट की ऊंचाई पर लहराएगा. इस ध्वज की लंबाई 22 फीट और चौड़ाई 11 फीट निर्धारित की गई है. ध्वज का वजन करीब 11 किलोग्राम है. इस ध्वज को फहराने के लिए नायलॉन की मोटी रस्सी का प्रयोग किया जाएगा. दरअसल, राम मंदिर के शिखर की ऊंचाई 161 फीट है. इस पर 44 फीट लंबा ध्वज दंड लगाया गया है. इस प्रकार शिखर की कुल ऊंचाई 205 फीट हो गई है. इस ध्वज में एक चक्र भी लगाया गया है. इससे यह 360 डिग्री पर घूम सकेगा.
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि एक दिन पहले सेना के वरिष्ठ अधिकारी आए थे. उन्होंने रिहर्सल किया. 15 अगस्त, 26 जनवरी या फिर अन्य दिवस उनके यहां होते हैं. इसलिए उनका लंबा अनुभव है. सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने कुछ राय दी है. हम उनकी राय को पूरा क्रियान्वित करेंगे.
पैराशूट फैब्रिक से बनेगा ध्वज!
राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी शामिल होंगे. वह ध्वजा लहराएंगे. पीएम मोदी के राम मंदिर पर फहराई जाने वाली ध्वजा अपने आप में खास होगी. यह ऐसी ध्वजा होगी, जो मौसम की मार से प्रभावित नहीं होगी. दावा किया जा रहा है कि इस ध्वजा का निर्माण पैराशूट फैब्रिक से किया जा सकता है. दरअसल, पैराशूट फैब्रिक हवा के भारी दबाव को झेलने वाली होती है. साथ ही, यह लंबे समय तक मौसम और हवा की मार से भी प्रभावित नहीं होती है.
पीएम मोदी 25 नवंबर को करेंगे ध्वजारोहण
मंदिर पर फहराने वाली ध्वजा अपने आपमें खास होगी. यह रामराज्य की परिकल्पना को साकार करती दिखेगी. दरअसल, इस ध्वज पर राम राज्य के राजकीय चिह्न कोविदार वृक्ष के साथ-साथ सूर्यवंश के प्रतीक भगवान सूर्य और समन्वय के प्रतीक ओंकार का चिह्न भी अंकित किया जाएगा. इसका रंग भगवा यानी केसरिया होगा. पीएम मोदी 25 नवंबर को ध्वजारोहण करेंगे. भारतीय सेना के जवानों ने राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण का रिहर्सल शुरू कर दिया है. वे ध्वजारोहण के दिन पीएम मोदी की सहायता में मौजूद रहेंगे.
