उत्तर प्रदेशभारत

25 साल पुरानी पहचान, कई महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख सचिव, योगी के सबसे खास अफसर क्यों हैं IAS संजय प्रसाद

25 साल पुरानी पहचान, कई महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख सचिव, योगी के सबसे खास अफसर क्यों हैं IAS संजय प्रसाद

IAS संजय प्रसाद सीएम योगी के साथ

मुख्यमंत्री योगी का ढाई दशक का भरोसा ही हैं कि संजय प्रसाद यूपी ब्यूरोक्रेसी में जिस जगह पर हैं, वहां आज तक कोई दूसरा ब्यूरोक्रेट पहुंच नहीं पाया. गृह, गोपन, सतर्कता और सूचना के साथ-साथ प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के पद पर अगर कोई है तो वह कोई असाधारण ही होगा. ब्यूरोक्रेसी का सबसे बड़ा बॉस वैसे तो मुख्य सचिव होता है. इस समय उत्तर प्रदेश में मुख्य सचिव की कुर्सी पर एसपी गोयल यानी शशि प्रकाश गोयल बैठे हैं.

मुख्य सचिव के बाद दूसरे नंबर पर कृषि उत्पादन आयुक्त (APC ) आते हैं. यूपी में APC दीपक कुमार है. तीसरे नंबर पर संजय प्रसाद का नंबर आता हैं. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इस वक्त संजय प्रसाद को लेकर हो रही हैं. 2 सितंबर 2019 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सचिव के तौर पर तैनात हुए सीएम योगी के सबसे खास माने जाने वाले संजय प्रसाद के पास अब 5 से ज्यादा और वो भी बड़े विभाग है. अब तक पंचम तल यानी सीएम ऑफिस में सबसे ताकतवर एसपी गोयल थे.

संजय प्रसाद को प्रमुख जिम्मेदारी

एसपी गोयल के मुख्य सचिव बन जाने के बाद उनका विभाग भी अब संजय प्रसाद के पास हैं. ऐसे में संजय प्रसाद पंचम तल पर सबसे ताकतवर अधिकारी है. वैसे संजय प्रसाद पहले भी प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री थे. लेकिन, एसपी गोयल उनसे सीनियर थे और अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री थे. अब संजय प्रसाद प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव सूचना के साथ ही उड्डयन और राज संपति विभाग के भी प्रमुख सचिव होंगे.

Sanjay Prasad

बेहद करीबी और ताकतवर अधिकारी

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के पास प्रमुख सचिव गृह की जिम्मेदारी नहीं होती थी अब तक, लेकिन संजय प्रसाद के पास प्रमुख सचिव गृह की भी जिम्मेदारी है. ये बात किसी से छिपी नही है कि संजय प्रसाद सीएम के बेहद करीबी और ताकतवर अधिकारी है. उनकी ताकत का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने उन्हें प्रमुख सचिव गृह के पद से हटाया था.

1999 में सीएम योगी से हुआ संपर्क

हालांकि, सरकार बनने के कुछ दिनों बाद सीएम ने उन पर फिर भरोसा जताते हुए उन्हें दोबारा प्रमुख गृह सचिव की जिम्मेदारी दी थी. संजय प्रसाद के पास जो पांच अहम विभाग है, वो सभी मुख्यमंत्री से जुड़े हुए हैं और इसलिए कहा जा रहा है कि संजय प्रसाद मुख्यमंत्री के सबसे करीबी अधिकारी है. मूल रूप से बिहार के रहने वाले संजय प्रसाद पहली बार 1999 में योगी आदित्यनाथ के संपर्क में आए थे. जब एक युवा आईएएस अधिकारी के रूप में वे 1999 से 2001 तक गोरखपुर में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर तैनात थे.

Sanjay Prasad News

बसपा और सपा के राज में संभाली बड़ी जिम्मेदारी

सीएम योगी आदित्यनाथ का उस समय गोरखपुर से सांसद के रूप में राजनीति में नया नया प्रवेश हुआ था. संजय प्रसाद ने 2002-2003 तक गोरखपुर के पड़ोसी जिले महराजगंज के जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य किया और उसके बाद अयोध्या, बहराइच, फिरोजाबाद और आगरा जिलों के डीएम रहे. उन्होंने बसपा और समाजवादी पार्टी के शासन में भी वरिष्ठ पदों पर कार्य किया. 2009 में जब मायावती मुख्यमंत्री थीं, तब उन्हें गृह विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया.

Sanjay Prasad Top Officer

बाद में 2014 में लगभग छह महीने के लिए अखिलेश यादव के शासन में गृह विभाग के सचिव के पद पर नियुक्त किया गया. इस बीच, प्रसाद ने उद्योग, आईटी, जेल, चिकित्सा और स्वास्थ्य जैसे विभागों का प्रभार संभाला. 2015 में वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए और विज्ञान और प्रौद्योगिकी में संयुक्त सचिव और फिर रक्षा में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया, जिस पद पर वे 2019 तक रहे.

सीएम के तौर पर आदित्यनाथ के पहले कार्यकाल के दो साल बाद संजय प्रसाद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आए और उन्हें कुछ समय के लिए बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास विभाग के सचिव का पदभार दिया गया. छह महीने बाद, सितंबर 2019 में उन्हें सीएम का सचिव बनाया गया और तब से वे सीएम योगी आदित्यनाथ के करीबी के तौर पर काम कर रहे हैं. साल 2022 -23 में यूपी के सबसे शक्तिशाली नौकरशाह अवनीश कुमार अवस्थी की सेवानिवृत्ति और सूचना विभाग से अतिरिक्त मुख्य सचिव नवनीत कुमार सहगल के स्थानांतरण ने आदित्यनाथ सरकार के भीतर संजय प्रसाद के दबदबे को और बढ़ा दिया.

Sanjay

सीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी ने क्या बताया?

सीएमओ में कार्यरत एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रसाद की जिन खूबियों के कारण उन्हें आदित्यनाथ का विश्वास मिला है, उनमें यह भी शामिल है कि वे सतर्क रहते और परिस्थितियों पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं, जो कि उनके पद के लिए आवश्यक है. सूत्रों ने कहा कि संजय प्रसाद के मजबूत पारस्परिक कौशल के कारण उनके हर जगह दोस्त हैं. यूपी के पूर्व मुख्य सचिव योगेंद्र नारायण का कहना है कि ये मुख्यमंत्री का अधिकार होता है कि वो किसी को भी प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह या अन्य विभागों की जिम्मेदारी दे सकता हैं.

सीएम योगी के विश्वसनीय अधिकारी संजय प्रसाद

संजय प्रसाद हमेशा से सीएम योगी के काफी विश्वसनीय अधिकारी भी हैं. मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था को बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं. इसलिए थोड़े निर्णय लेने के लिए संजय प्रसाद को सभी जिम्मेदारी दी गई हैं. संजय प्रसाद एक अच्छे अधिकारी माने जाते हैं, जब मैं मुख्य सचिव था तो उस दौरान यह सूचना विभाग में कार्यरत थे. उनकी कार्यशैली की हमेशा तारीफ होती थी. मेरी जानकारी में ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के साथ-साथ प्रमुख सचिव गृह और प्रमुख सचिव सूचना की जिम्मेदारी एक ही अधिकारी को दी गई है.

Sanjay Prasad Ias

1995 में पास की सिविल सेवा परीक्षा

उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली आईएएस अधिकारी संजय प्रसाद, जिन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘दाहिने हाथ’ और राज्य के सबसे शक्तिशाली नौकरशाह के रूप में जाना जाता है. अपनी प्रशासनिक कुशलता और प्रभावशाली व्यक्तित्व के लिए वह हमेशा चर्चा में रहते हैं. 23 मई 1971 को बिहार के सीतामढ़ी जिले में जन्में संजय प्रसाद ने कला में स्नातकोत्तर (एमए) की उपाधि हासिल की. साल 1995 में सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए.

Sanjay Prasad (2)

तब से उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं. 1995-1996 मंसूरी में ट्रेनिंग करने बाद 1996 आजमगढ़ में सहायक मजिस्ट्रेट और सहायक कलेक्टर (प्रशिक्षण) के दौरान पहली तैनाती मिली. संजय प्रसाद लखीमपुर खीरी, महाराजगंज, बहराइच, अयोध्या, फिरोजाबाद, आगरा और प्रयागराज जैसे जिलों में जिलाधिकारी के रूप में कार्य किया. इसके अलावा, उन्होंने कई विभागों में सचिव के पद पर भी अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं.

Secretary

वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश सरकार में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के पद पर कार्यरत हैं. वरिष्ठ पत्रकार परवेज अहमद कहते हैं कि तकनीकी तौर पर मुख्य सचिव किसी भी राज्य का प्रसाशनिक बॉस होता है. सबसे बड़ा ओहदा भी है. लेकिन अगर किसी अधिकारी के पास गृह, गोपन, सतर्कता, सूचना के साथ प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री का पद भी है तो व्यवहार में वहीं सबसे शक्तिशाली अधिकारी है. यूपी की नौकरशाही में पहला मौका है, जब किसी अधिकारी के कमांड में एक साथ सरकार व्हील कहे जाने वाले पद हैं. जाहिर है मुख्यमंत्री को उस अधिकारी पर ही भरोसा है.



Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button