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“ये दिन आएगा, कभी नहीं सोचा था…” दान चोरी के आरोपों पर फूटा राम मंदिर की लड़ाई लड़ने वाले शख्स का गुस्सा

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित दान चोरी के आरोपों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. इस बीच राम जन्मभूमि मामले में हिंदू पक्ष के प्रमुख अधिवक्ताओं में शामिल रहे विष्णु शंकर जैन ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसे कानून के सामने जवाब देना चाहिए.

उन्होंने कहा, “राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर अब तक जो घटनाक्रम सामने आया है, उससे हमें गहरा दुख और पीड़ा हुई है. जब हम पूरी कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे, तब हमारा मुख्य उद्देश्य ऐसा राम मंदिर बनाना था, जो पूरे देश के लिए एक आदर्श हो. लेकिन अब विभिन्न समाचार रिपोर्टों के माध्यम से हमें यह जानकारी मिल रही है कि मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन, ट्रस्ट, ट्रस्टियों और विभिन्न अधिकारियों के खिलाफ इस तरह के आरोप लगाए गए हैं। यह बेहद दुखद है। इसकी जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसे अदालत के कटघरे में लाया जाना चाहिए।”

विष्णु शंकर जैन उन अधिवक्ताओं में रहे हैं जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष की ओर से अहम कानूनी भूमिका निभाई थी. उनका कहना है कि वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई का उद्देश्य केवल मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि ऐसा राम मंदिर बनाना था जो पूरे देश के लिए एक आदर्श बने.

आरोप बेहद निराशाजनक-  जैन

विष्णु शंकर जैन ने कहा, “सबसे पहले मैं यह कहना चाहता हूं कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी जो घटनाएं सामने आई हैं, उनसे हमें गहरा दुख और पीड़ा हुई है. हमने पूरी कानूनी लड़ाई इसलिए लड़ी थी कि ऐसा राम मंदिर बने जो पूरे देश के लिए एक मॉडल बने. लेकिन आज विभिन्न समाचार रिपोर्टों के जरिए ट्रस्ट, ट्रस्टियों, प्रबंधन और अधिकारियों पर जिस तरह के आरोप सामने आए हैं, वह बेहद निराशाजनक है. हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसा दिन आएगा.”

विष्णु शंकर जैन ने यह भी कहा कि वर्तमान एफआईआर में जिन लोगों के नाम हैं, जांच केवल वहीं तक सीमित नहीं रहेगी. उन्होंने कहा, “अगर एसआईटी और पुलिस जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है. यह जरूरी नहीं कि अभी एफआईआर में जिसका नाम नहीं है, उसके खिलाफ आगे कार्रवाई न हो। जांच एजेंसी के पास पर्याप्त अधिकार हैं.”

आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा”: मुख्यमंत्री

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दान मामले में पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सख्त रुख अपनाया. देवरिया में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, “जनभावनाओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एसआईटी की रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है. सच और झूठ को अलग किया जाएगा. जो भी लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे इसकी कीमत चुकानी होगी.” उन्होंने कहा कि 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान भी उन्होंने स्पष्ट किया था कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है. साथ ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि यही वे लोग हैं जिन्होंने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे.



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