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’12 बजे तक अली-अली, फिर बजरंग बली’, राजभर का अखिलेश के अयोध्या दौरे पर तंज

’12 बजे तक अली-अली, फिर बजरंग बली’, राजभर का अखिलेश के अयोध्या दौरे पर तंज

ओम प्रकाश राजभर. (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले धार्मिक आयोजनों को लेकर सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या में श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने और वहां से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती देने के बाद योगी सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने उन पर निशाना साधा है. राजभर ने मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया.

भागवत कथा में राजनीतिक मंच बनाने का लगाया आरोप

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन में लोगों को भगवान के चरित्र और व्यक्तित्व की चर्चा सुनने के लिए पहुंचना चाहिए. ऐसे आयोजन में अगर राजनीतिक नारेबाजी हो और मंच को राजनीतिक रूप दिया जाए, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा, ‘जहां भागवत कथा हो रही हो, वहां अखिलेश जी के लोग नारेबाजी कर रहे हों और भाषण दे रहे हों, राजनीतिक मंच बना लिए हों, तो जो आलोचक इस बात को कह रहे हैं, वो 100 फीसदी सही कह रहे हैं.’

मुसलमानों को खुश करने के लिए बयानबाजी करते हैं अखिलेश

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि वह भी इस कृत्य की निंदा करते हैं. उनके मुताबिक, भागवत कथा के आयोजन को राजनीतिक मंच बनाना अखिलेश यादव को ही शोभा देता है, उनकी पार्टी को नहीं. राजभर ने अखिलेश यादव पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि वह मुसलमानों को अपने साथ बनाए रखने के लिए इस तरह की बयानबाजी करते हैं. राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव नफरत की बात करते हैं, क्योंकि उनके मुताबिक इससे मुस्लिम वोट बैंक उनके साथ बना रह सकता है.

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तंज कसते हुए कहा, ’12 बजे तक तो वो अली-अली बोलते हैं, 12 बजे के बाद जब तब बजरंगबली शुरू हो जाते हैं… न अली के हुए, न बजरंगबली के हुए.’ उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के दौरान अखिलेश यादव सुबह से अली-अली और बाद में बजरंगबली-बजरंगबली की बात करेंगे. राजभर ने तंज कसते हुए कहा, ‘दुविधा में दोनों गए, माया मिली न राम… न अली ही मिलेंगे, न बजरंगबली ही मिलेंगे.’

अयोध्या में अखिलेश ने योगी को दी थी चुनौती

दरअसल, अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को अयोध्या में सपा नेता और अयोध्या से पार्टी के घोषित उम्मीदवार तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के यहां आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी.

अखिलेश यादव ने दावा किया था कि सपा की ओर से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद बीजेपी अयोध्या में लगातार सर्वे करा रही है और उसे वहां नया उम्मीदवार नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा था कि अगर मुख्यमंत्री को अपनी जीत पर भरोसा है, तो उन्हें खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए.

सफी अहमद

सफी अहमद

सफी अहमद, राजधानी लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हैं और करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पत्रकारिता उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून है. इसी जुनून को जमीन पर उतारते हुए उन्होंने लखनऊ की जमीनी हकीकत से लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों तक की खबरों को करीब से कवर किया है. सफी अहमद की खास पकड़ क्राइम रिपोर्टिंग पर रही है. अपराध की खबरों की तह तक जाना, घटनाओं के पीछे की कहानी सामने लाना और सबसे पहले सटीक जानकारी पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है.

कई बड़ी और चर्चित घटनाओं की कवरेज में सफी अहमद की सक्रिय भूमिका रही है. 2020 के कानपुर बिकरू कांड, 2022 के अलाया होटल अग्निकांड और 2026 के अलीगंज अग्निकांड जैसी घटनाओं पर उन्होंने लगातार नजर बनाए रखी और घटनाक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सबसे पहले साझा करने का प्रयास किया. ऐसी घटनाओं में 24 घंटे लगातार अपडेट रहने और खबर की तह तक पहुंचने का उनका अनुभव उनकी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण ताकत है.

सफी अहमद ने पत्रकारिता की शुरुआत एक साप्ताहिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के साथ की. इसके बाद उन्हें PPN न्यूज़, APN न्यूज़ और K न्यूज़ जैसे संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. विभिन्न संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने रिपोर्टिंग के अलग-अलग आयामों को करीब से समझा और अपनी पत्रकारिता को लगातार मजबूत किया. करीब चार वर्षों के अनुभव के बाद उन्हें TV9 भारतवर्ष के साथ काम करने का अवसर मिला. पिछले 6 वर्षों से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़े हुए सफी अहमद लखनऊ से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा के साथ खबरों को जमीन से उठाकर दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया है.

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