राम मंदिर बनाने में कितना आया खर्च, कितना मिला पैसा? ये है पूरा हिसाब-किताब – Hindi News | How much cost to build Ram Mandir donation received for ram temple ayodhya stwma

राम मंदिर
अयोध्या में बने राम मंदिर में 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा हुई. इसके बाद रामलला के दरबार में भक्तों ने जमकर दान दिया. साथ ही मंदिर को भव्य रूप देने के लिए करोड़ों का खर्चा किया गया. मंदिर पर आज भी निर्माण कार्य जारी है. इस बीच रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में आय-व्यय का लेखा-जोखा जारी किया है. ट्रस्ट ने एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक हुए खर्चे और दान में मिली रकम को लेकर जानकारी सार्वजनिक की है.
रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया कि भक्तों से रामलला के दरबार में एक साल में 363 करोड़ 34 लाख रुपये प्राप्त हुए. यह अलग-अलग मदों से भक्तों ने दान के रूप में मंदिर में पेश किए हैं. इसके साथ ही एक साल में राम मंदिर और उसके परिसर में 776 करोड़ रुपये निर्माण में खर्च हुए हैं. केवल मंदिर निर्माण की बात करें तो इसमें 540 करोड़ रुपये खर्चा एक साल में आ चुका है.
भक्तों ने दिया जमकर दान
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने वित्तीय वर्ष के आयव्यय का लेखाजोखा सार्वजनिक करते हुए बताया कि एक साल में मंदिर को दान के रूप में 363 करोड़ 34 लाख रुपये मिले. इनमें ट्रस्ट के दान पत्र में 53 करोड़ रुपये. रामलला की हुंडी में 24.50 करोड़. रामलला को ऑनलाइन 71.51 करोड़ रुपये मिले हैं. इसके अलावा विदेशी राम भक्तों ने रामलला को 10.43 करोड़ रुपये का दान दिया.
इतना आया खर्चा, मिला सोना-चांदी
ट्रस्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि 4 वर्षों में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 13 कुंतल चांदी और 20 किलो सोना राम भक्तों ने रामलला को समर्पित किया है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा कोष के नाम से 2100 करोड़ रुपये का चेक प्राप्त हुआ है. चंपत राय ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष में राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण सहित अन्य निर्माण पर 776 करोड़ रुपए खर्च हुए. सिर्फ मंदिर निर्माण में 1 साल में 540 करोड रुपए खर्च हुए. 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक मंदिर के निर्माण में 670 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव पास किया गया है.
जन्मभूमि पथ पर जर्मन हैंगर, बनेगा टाइटेनियम राम दरबार
मंदिर में दर्शन करने वाले भक्तों की सुविधाओं को लेकर खास ख्याल रखा जा रहा है. ट्रस्ट ने बैठक में बताया कि श्रद्धालुओं को गर्मी और बरसात में राहत देने के लिए राम जन्मभूमि पथ पर जर्मन हैंगर लगाया जाएगा. इसका काम अक्टूबर से शुरू हो जाएगा. जर्मन हैंगर डेढ़ किलोमीटर जन्मभूमि पथ पर लगाया जाएगा. इसके अलावा राम मंदिर के प्रथम तल पर टाइटेनियम के राम दरबार का निर्माण किया जाएगा. इसको उत्सव मूर्ति के रूप में स्थापित किया जाएगा. इसकी ऊंचाई डेढ़ फीट और चौड़ाई एक फीट की होगी.
कामगारों के लिए राजस्थान में कैंपिंग
ट्रस्ट ने बताया कि राम जन्मभूमि पर भगवान राम लला के मंदिर के द्वितीय तल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. राम मंदिर के शिखर के निर्माण को लेकर भी कार्यदाई संस्थाओं को कामगारों की संख्या बढ़ाने का निर्देश ट्रस्ट ने जारी किया है. इसके लिए लार्सन ऐंड टुब्रो के अधिकारी शिखर निर्माण में पारंगत कामगारों की खोज में राजस्थान में कैंपिंग कर रहे हैं. शिखर निर्माण में कुशल 24 कामगारों को अयोध्या लाने की तैयारी की जा रही है.
बैठक में ऑनलाइन भी शामिल हुए महंत
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नित्य गोपाल दास के आश्रम मणिराम दास छावनी में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की गई थी. यह बैठक राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष निपेंद्र मिश्र और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नित्य गोपाल दास के नेतृत्व में आयोजित हुई थी. ट्रस्ट की इस बैठक में कुल आठ ट्रस्टियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. वहीं कुछ ट्रस्टी ऑनलाइन के माध्यम से ट्रस्ट की बैठक में शामिल हुए थे.
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, अनिल मिश्र, विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, महंत दिनेंद्र दास और पदेन ट्रस्टी अयोध्या के जिला अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए, जबकि जगत गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ, केशव पारासारण , युग पुरुष परमानंद, केंद्र सरकार के सचिव प्रशांत लोखंडे , जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ट्रस्ट ट्रस्ट की बैठक में शामिल हुए. राम मंदिर के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल अस्वस्थ होने के करण बैठक में शामिल नहीं हुए.

