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‘मेरे पति ने नर्क से बदतर बना दी लाइफ’, शादी के 22 साल बाद पत्नी की CM योगी से गुहार- इंसाफ दो नहीं तो मौत दो

'मेरे पति ने नर्क से बदतर बना दी लाइफ', शादी के 22 साल बाद पत्नी की CM योगी से गुहार- इंसाफ दो नहीं तो मौत दो

पति ने पत्नी पर लगाए गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, यहां एक युवती ने पहले तो युवक से प्यार किया और फिर सात फेरों का बंधन और जीवन भर साथ निभाने का वादा किया गया. लेकिन अब झांसी की रहने वाली श्वेता भीलवार की जिंदगी की हकीकत उन सपनों से बिल्कुल उलट गई है, जो कभी 19 साल की उम्र में बड़े अरमानों के साथ रचाई गई लव मैरिज के समय देखी थी. युवती का जीवन नर्क से भी बदतर हो चुका है. हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अब श्वेता ने परेशान होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है.

पीड़िता के अनुसार, 22 साल पहले श्वेता ने अपने से 14 साल बड़े सीनियर ऑडिट अधिकारी वीरेंद्र भीलवार से लव मैरिज की थी. शादी के समय वह महज 19 साल की थी, जबकि उसका पति 33 साल का था. शुरुआत के साल तो जैसे-तैसे निकल गए, लेकिन पिछले 4-5 साल उसके लिए किसी खूनी सपने से कम नहीं रहे. श्वेता का आरोप है कि उसका पति बेहद शकी और झगड़ालू है. उस पर लगातार चरित्रहीनता के झूठे आरोप लगाए जाते हैं.

CCTV से रखी जा रही नजर

इतना ही नहीं, पति ने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाकर उसकी हर गतिविधि पर नजर रखनी शुरू कर दी. बच्चों से भी दूरी बना दी गई, और बाहर जाने पर रोक लगा दी गई. श्वेता ने रोते हुए कहा कि कई बार सोचा कि आत्महत्या कर लूं, लेकिन दो बच्चों को देखकर मैंने खुद को संभाला. मजबूरी में उसने स्कूल में नौकरी शुरू की ताकि परिवार को सहारा मिल सके, लेकिन यही कदम पति के लिए ईगो का मुद्दा बन गया.

Domestic Violence (2)

‘कई बार की शिकायत…’

नौकरी के बाद पति की प्रताड़ना और बढ़ गई. पीड़ित महिला का कहना है कि उसने कई बार शिकायत की, लेकिन कहीं से न्याय नहीं मिला. आखिरकार हताश होकर उसने मुख्यमंत्री से सीधे अपील कर दी कि या तो मुझे पति की यातनाओं से मुक्ति दिलाओ या फिर इच्छामृत्यु की अनुमति दो. वहीं पति ने अपनी सफाई में जाति का हवाला दिया और कहा कि जाति का मुद्दा है. आपको बता दे की जब पति से फोन पर बात की गई तो उसने सारे आरोपों से पल्ला झाड़ लिया.

इंटर-कास्ट मैरिज को बताया वजह

उसका कहना है कि असली वजह इंटर-कास्ट मैरिज है. पति का दावा कि मैं अनुसूचित जाति से हूं और मेरी पत्नी ठाकुर परिवार से आती है. उसके परिवार वाले हमारी शादी से खुश नहीं थे और अब वे ही दरार डाल रहे हैं. पूरा खेल कास्ट का है, परिवार वाले ही मेरी पत्नी को भड़का रहे हैं. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या श्वेता की जिंदगी सचमुच पति के शक और अत्याचार की कैद में है या फिर वाकई जाति का मुद्दा इस रिश्ते में जहर घोल रहा है?

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