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‘मेरा बेटा जिंदा है…’ इटावा में 4 साल पहले किडनैप हुए लाल को मां ने फेसबुक पर पहचाना; तलाश में जुटी पुलिस

'मेरा बेटा जिंदा है...' इटावा में 4 साल पहले किडनैप हुए लाल को मां ने फेसबुक पर पहचाना; तलाश में जुटी पुलिस

इटावा सोम कुमार अपहरण केस

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के लखना कस्बे में साढ़े चार साल पहले हुए 12 साल के सोम कुमार के अपहरण के मामले में अब एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है. अपहृत बच्चे की मां ने सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर देखकर दावा किया है कि वह तस्वीर उनके बेटे की ही है. इस दावे के बाद एक बार फिर से यह पुराना अपहरण कांड चर्चा में आ गया है.

लखना कस्बे के कहारान मोहल्ला के रहने वाले गिरजेश बाबू, जो बिजली विभाग में कैशियर के पद पर तैनात हैं, उनके 12 साल के बेटे सोम कुमार का 30 जून 2021 को घर के बाहर खेलते समय रहस्यमय ढंग से अपहरण हो गया था. परिजनों ने इधर-उधर काफी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. कुछ दिन बाद ही गिरजेश बाबू के घर के दरवाजे पर एक फिरौती मांगने वाला लैटर मिला था. लैटर में सोम की रिहाई के बदले रकम मांगी गई थी.

काफी तलाश के बाद भी नहीं लगा था सुराग

पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए अपहरण का मुकदमा दर्ज किया और छानबीन शुरू की. कई जगह दबिश दी गई, लेकिन बच्चे का कोई सुराग हाथ नहीं लग सका. मामले की गंभीरता को देखते हुए उस समय के क्षेत्रीय सपा विधायक राघवेंद्र गौतम ने इसे विधानसभा में भी उठाया, लेकिन पुलिस जांच और सरकारी प्रयासों के बावजूद बच्चे की गुमशुदगी रहस्य बनी रही. परिजन आज तक इस बात से अनजान हैं कि सोम को धरती ने निगल लिया या आसमान ने.

चार साल चार महीने बाद इस पुराने अपहरण कांड में नया मोड़ तब आया जब सोम की मां रेखा देवी फेसबुक स्क्रॉल कर रही थीं. इसी दौरान उन्होंने सनोज कुमार यादव नामक एक व्यक्ति की फेसबुक आईडी पर पोस्ट की गई एक तस्वीर देखी, जिसमें एक 14 साल का किशोर और 15 साल की किशोरी की शादी की फोटो वायरल की गई थी. तस्वीर देखते ही रेखा देवी सन्न रह गईं. उन्होंने बताया किशोर का चेहरा हूबहू मेरे बेटे सोम जैसा है. मैं उसे पहचान सकती हूं, यही मेरा बेटा है और वो जिंदा है.

‘एक बिहारी सौ पर भारी’

रेखा देवी ने बताया कि उन्होंने उस व्यक्ति से संपर्क करने के लिए फेसबुक के जरिए कोशिश की. फोन नंबर मिलने के बाद जब उन्होंने बात की, तो सामने वाले युवक ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें धमकाया. रेखा देवी के अनुसार, युवक ने कहा पीछे मत पड़ना, एक बिहारी सौ पर भारी. धमकी से घबराई मां ने तुरंत पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी और अपने बेटे की बरामदगी की गुहार लगाई.

पुलिस जांच में जुटी

इस पूरे प्रकरण पर थानाध्यक्ष बकेवर विपिन मलिक ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है. जिस व्यक्ति की फेसबुक आईडी से फोटो पोस्ट की गई है, उसकी डिटेल्स जुटाई जा रही हैं. पुलिस साइबर टीम की मदद से उस फेसबुक प्रोफाइल और उसमें दिख रहे किशोर की पहचान की कोशिश कर रही है. थानाध्यक्ष ने कहा फेसबुक पोस्ट की जांच कराई जा रही है. सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी.

परिवार में फिर जगी उम्मीद

चार साल से बेटे की तलाश में भटक रहे गिरजेश बाबू और उनकी पत्नी रेखा देवी के लिए यह तस्वीर उम्मीद की नई किरण लेकर आई है. रेखा देवी का कहना है कि उन्होंने कभी विश्वास नहीं छोड़ा था कि उनका बेटा जिंदा है. अब सोशल मीडिया पर मिली यह कड़ी उन्हें भरोसा दे रही है कि सोम कहीं न कहीं जीवित है. मां ने बताया कि मैं बस अपने बेटे को एक बार देखना चाहती हूं. चाहे वो जहां भी हो, मुझे उससे मिलवा दो.

पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के समय अगर पुलिस ने शुरुआती जांच गंभीरता से की होती तो शायद आज यह नौबत न आती. चार साल बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहना, विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है. सोशल मीडिया पर सामने आई यह नई तस्वीर इटावा के इस पुराने अपहरण कांड को फिर सुर्खियों में ले आई है. अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि क्या वाकई फेसबुक पर दिख रहा किशोर अपहृत सोम कुमार ही है, या यह किसी और की तस्वीर है.

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