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मेरठ कपसाड़ कांड: आरोपी गिरफ्तार, लड़की बरामद… फिर भी गांव में कर्फ्यू जैसे क्यों हालात? 7 दिन बाद भी तनाव

मेरठ कपसाड़ कांड: आरोपी गिरफ्तार, लड़की बरामद... फिर भी गांव में कर्फ्यू जैसे क्यों हालात? 7 दिन बाद भी तनाव

कपसाड गांव जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड़िंग की गई.

मेरठ के कपसाड गांव कांड 8 जनवरी को हुआ था और अब लगभग 7 दिन बीत जाने के बाद भी गांव में रोजमर्रा की जिंदगी पटरी पर नहीं लौट पाई है. कपसाड गांव के चौतरफा पुलिस बैरिकेडिंग कर दी गई है. गांव में आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है. पीड़ित परिवार के घर के आसपास भी पुलिस ने CCTV कैमरा लगवा दिया है. सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है.

दरअसल, कपसाड गांव कांड में पीड़ित परिवार के पास कई राजनीति दल के लोग पहुंचे थे और उनके साथ खड़े होने का दावा कर रहे थे, जिसमें कुछ नेता विपक्ष के भी हैं, जबकि ऐसा कहा जाता है कि इस गांव से ज्यादातर वोट सत्ताधारी पार्टी के हैं. ऐसे में सुरक्षा का खासा ध्यान पुलिस-प्रशासन की ओर से रखा जा रहा है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस और RAF की तैनाती की गई है. साथ ही साथ इस घटना की पल-पल की रिपोर्ट लखनऊ से भी मांगी जा रही है. ऐसे में गांव में कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं.

गांव में पुलिस का पहरा, दुकानें बंद

यहां दो बिरादरी आमने-सामने न हो जाए, इस पर भी पैनी नजर रखी जा रही है. क्षेत्र में फिलहाल रोजमर्रा की वस्तु उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन गांव के बाहर का मार्केट पूरी तरफ पटरी से उतर गया है. छोटे दुकानदारों को खास तौर पर इसकी मार झेलनी पड़ रही है. 50 से 60 प्रतिशत काम ठप हो चुका है.

गांव वालों का कहना है कि नेताओं ने आकर गांव में परेशानी खड़ी कर दी है. इनकी वजह से आपस में तनाव उत्पन्न हो गया. पुलिस कब हटेगी, इसका भी कोई अंदाजा नहीं है. पुलिस हर एक सेकंड की नजर फिलहाल गांव में बनाए हुए है. हालांकि गांव के लोगों ने कहा कि उनकी सहानुभूति पूरे पीड़ित परिवार के साथ है.

8 जनवरी को हुई थी दलित महिला की हत्या

बता दें कि सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड गांव के रहने वाले पारस राजपूत नाम के युवक पर 8 जनवरी को एक दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी को भगा ले जाने का आरोप लगा था. इसी के बाद से गांव में तनाव फैल गया था. दलित समाज के लोग महिला का शव रखकर प्रदर्शन करने लगे थे. DM-SSP के समझाने-बुझाने के बाद भी वह अंतिम संस्कार को तैयार नहीं हो रहे थे. इस बीच मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया था. सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान तो गांव के बाहर धरने पर बैठ गए थे.

14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी

वारदात के 5 दिन बार पुलिस ने मृतका की बेटी रूबी को बरामद किया और आरोपी पारस राजपूत को गिरफ्तार कर लिया. मेडिकल के बाद रूबी को पुलिस गांव लेकर पहुंची और परिजनों को सौंप दिया. वहीं पुलिस ने आरोपी पारस राजपूत को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पारस ने कोर्ट में कहा कि रूबी उसके साथ अपनी मर्जी से गई थी. उसका हत्या में कोई रोल नहीं है. उसे फंसाया जा रहा है.

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