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मां के जनाजे में शामिल होने आया था बेटा, कब्रिस्तान से खींचकर ले गए चचेरे भाई, बागपत में ईंट से वारकर मार डाला

मां के जनाजे में शामिल होने आया था बेटा, कब्रिस्तान से खींचकर ले गए चचेरे भाई, बागपत में ईंट से वारकर मार डाला

पुलिस ने वारदात में शामिल एक अपराधी को किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बागपत शहर में एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई. ईदगाह मोहल्ले में मां के निधन के बाद जनाजे में शामिल होने आए बेटे को कब्रिस्तान से खींचकर सरेआम ईंट से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और लोगों ने जमकर हंगामा किया. हालांकि, पुलिस ने एक आऱोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

ईदगाह मोहल्ले की झंकार गली में उमरदीन का परिवार रहता है. मोहल्लेवालों ने बताया कि करीब छह वर्ष पहले उमरदीन का छोटा बेटा नफीस अपने चचेरे भाई के घर रिश्ते में लगने वाली भाभी को भगाकर ले गया था. बाद में दोनों ने निकाह कर लिया और सहारनपुर में रहने लगे. इस घटना के बाद दोनों परिवारों के बीच रंजिश गहरी हो गई थी.

नफीस सहारनपुर से बागपत पहुंचा था

बुधवार सुबह नफीस की मां मकसूदी का इंतकाल हो गया. खबर सुनते ही नफीस सहारनपुर से बागपत पहुंच गया, ताकि मां के जनाजे में शामिल हो सके. दोपहर में जब जनाजा कब्रिस्तान ले जाया गया तो नफीस भी साथ था. जनाजे की नमाज अदा करने के बाद जैसे ही वह भीड़ से अलग होकर कब्रिस्तान के गेट की ओर बढ़ा, तभी उसके चचेरे भाइयों, उनके बेटों और दामादों ने उसे घेर लिया.

आरोप है कि उन्होंने नफीस को खींचकर कब्रिस्तान से बाहर सड़क पर लाया और ईंट से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए. हमलावरों ने तब तक मारपीट की, जब तक नफीस की मौके पर ही मौत नहीं हो गई. आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले हमलावर फरार हो गए।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और खून से लथपथ नफीस को सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. हत्या की खबर फैलते ही सैकड़ों लोगों की भीड़ अस्पताल पहुंच गई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगी. हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने किसी तरह शव को पीछे के रास्ते से पोस्टमार्टम के लिए भेजा.

11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

मृतक के बेटे अरमान ने कोतवाली में 11 लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है. पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहसिन को गिरफ्तार कर लिया है. बागपत के एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही अन्य नामजद आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा.

बताया जा रहा है कि पत्नी को भगाकर ले जाने के बाद से ही नफीस को उसके चचेरे भाई की ओर से जान से मारने की धमकी दी गई थी. मां की मौत के कारण जब नफीस छह साल बाद बागपत लौटा, तो वही धमकी हकीकत में बदल गई.

नफीस की पहली पत्नी यासमीन, जो मुजफ्फरनगर जिले के कूकड़ा गांव की रहने वाली थी, उसकी मौत हो चुकी थी. यासमीन से उसके तीन बच्चे थे. पत्नी की मौत के बाद नफीस का दिल अपने चचेरे भाई शौकिन की पत्नी पर आ गया था, जो चार बच्चों की मां थी. कुछ समय बाद दोनों ने घर छोड़ दिया और सहारनपुर जाकर निकाह कर लिया.

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