बुलंदशहर में टला बड़ा हादसा, NH पर चलती बस बनी आग का गोला, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

चलती बस में लगी आग.
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में NH-34 पर बड़ा हादसा हो गया. यहां चलती बस देखते ही देखते आग का गोला बन गई. हालांकि राहत की बात ये है कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ. आम लगने का पता लगते ही यात्री को बस से नीचे उतार लिया गया. घटना के वक्त बस में 70 से 80 यात्री सवार थे. बता दें कि राजस्थान के जैसलमेर में बस में आ लगने से 21 लोगों की मौत हो गई थी.
दरअसल यह मामला थाना खुर्जा देहात के सामने नेशनल हाईवे 34 का है. ये बस दादरी से हरदोई जा रही थी. यात्रियों का कहना था कि बस की हालत बहुत ही खराब थी. बस को ओवर हीटिंग की वजह से एक-दो जगह रोका भी गया था, लेकिन उसकी मरम्मत के बजाए उसे चलाया गया और इंजन गर्म होने से बस में आ लग गई.
बस से कूदकर बचाई जान
बस में आग लगते ही कुछ यात्रियों ने चलती बस से कूदकर जान बचाई. ये बस बिना फिटनेस के हाईवे पर दौड़ रही थी. इस मामले में आरटीओ विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है. इसकी वजह से कई लोगों की जान जा सकती थी.
#WATCH | Uttar Pradesh: Fire broke out in a bus on NH34 in the Khurja Dehat police station area of Bulandshahr.
CFO Pramod Kumar Sharma says, “We received information about a bus catching fire around 9.15 PM. The bus was travelling from Delhi to Hathras. The fire has been pic.twitter.com/dSKqJdceGl
— ANI (@ANI) October 18, 2025
क्या बोले यात्री?
बस में मौजूद यात्री ने बताया कि वह शीशा तोड़कर बाहर निकला. उसने कहा कि इसमें ड्राइवर की लापरवाही थी. बस में ऑयल नहीं था लेकिन ड्राइवर ने फिर भी गाड़ी खींची, जिससे गाड़ी हीट हो गई. बस को ठंडा करने के लिए रास्ते में रोका भी गया और फिर उसे चलाया गया. अगर गाड़ी हीट हो रही थी तो इसे क्यों चलाया गया?
शीशे तोड़कर नीचे कूदे लोग
एक और यात्री ने बताया कि वह दादरी से फर्रुखाबाद जा रहा था. बस में आग लग गई थी. जिसके बाद हम शीशे तोड़कर नीचे कूदे. हमने बच्चों को कुदाया, फिर खुद भी बाहर निकले. इस दौरान भगदड़ मच गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए. बच्चे दब गए. हमारा बैग और पैसे बस में ही रह गए. सारा सामान उसी बस में रह गया और जल गया. बस में आवाज हो रही थी. ड्राइवर को पता होना चाहिए कि बस आवाज कर रही है तो क्यों कर रही है. यात्री ने बताया कि बस में 70 से 80 सवारी थीं.

