उत्तर प्रदेशभारत

बिहार में ये कैसी शराब बंदी? हरियाणा से तस्करी, गाजीपुर बार्डर पर पकड़ी गई बड़ी खेप

बिहार में ये कैसी शराब बंदी? हरियाणा से तस्करी, गाजीपुर बार्डर पर पकड़ी गई बड़ी खेप

गाजीपुर बार्डर पर पकड़ी गई शराब की बड़ी खेप

बिहार में भले ही शराब बंदी लागू है. हालांकि यह व्यवस्था अब तक कागजी ही साबित हुआ है. राज्य में उत्तर प्रदेश के रास्ते हरियाणा से शराब की खेप लगातार पहुंच रही है. उत्तर प्रदेश में गाजीपुर के बॉर्डर पर पुलिस ने ऐसी ही खेप को पकड़ा है. 14 चक्का ट्रक में भर कर बिहार ले जायी जा रही इस खेप में 95 पेटी 8 PM अंग्रेजी शराब भरी हुई थी. खुले बाजार में इस शराब की कीमत पांच से छह लाख रुपये के आसपास है. जबकि बिहार में यही शराब 10 से 12 लाख रुपये में बेची जानी थी.

गाजीपुर पुलिस के मुताबिक रविवार इस खेप के भावरकोल ब्लॉक से गुजरने की सूचना मिली थी. इस सूचना पर पुलिस ने बढ़नपुर पुलिया पर नाकाबंदी की. इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक वहां पहुंचा. पुलिस ने ट्रक की जांच की तो पता चला कि इसका रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी है. इसके बाद पुलिस ने ट्रक में लदे माल की जांच की. अंदर से अवैध शराब की 95 पेटियां मिलीं. इन पेटियों में 8 PM अंग्रेजी शराब की बोतलें भरी थीं. यह शराब करीब 820 लीटर से अधिक है.

बिहार पहुंचते दो गुनी हो जानी थी कीमत

पुलिस के मुताबिक खुले बाजार में इस शराब की कीमत पांच से छह लाख रुपये के आसपास है, लेकिन बिहार पहुंचते ही इस शराब की कीमत 10 से 12 लाख रुपये हो जानी थी. पुलिस के मुताबिक ट्रक समेत पूरा माल जब्त करने के साथ ही ट्रक के ड्राइवर सूरज यादव पुत्र हरि मंगल यादव निवासी खलीलपुर थाना बहरियाबाद को अरेस्ट कर लिया गया है. आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह हरियाणा से शराब की खेप लेकर आ रहा है.

शराब तस्करी में गई थी आरपीएफ जवानों की जान

बता दें कि गाजीपुर में शराब तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इसी शराब तस्करी की वजह से पिछले दिनों आरपीएफ के दो जवानों की जान भी चली गई. हालांकि उस वारदात के मास्टरमाइंड को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था. बावजूद इसके शराब तस्करी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे. पुलिस के मुताबिक शराब की तस्करी कभी ट्रेनों के माध्यम से हो रही है तो कभी सड़क मार्ग से.



Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button