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बिस्किट, चने और लाई रखें साथ… गाजियाबाद में बाढ़ का खतरा, यहां पढ़ें जरूरी एडवायजरी

बिस्किट, चने और लाई रखें साथ... गाजियाबाद में बाढ़ का खतरा, यहां पढ़ें जरूरी एडवायजरी

गाजियाबाद में बढ़ा यमुना का जलस्तर

पिछले दो दिन से लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से एक बार फिर से दिल्ली एनसीआर पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. गाजियाबाद के डीएम ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. साथ ही निचले क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए एडवायजरी भी जारी की है. हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में 321653 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. इसलिए गाजियाबाद में भी यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने के आसार हैं.

सोमवार को सुबह करीब 4 बजे से लेकर देर शाम तक यमुना नदी में हथिनी कुंड बैराज से 3 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा चुका है. यमुना का जलस्तर 2 सितंबर को खतरे के निशान के ऊपर जा सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से सूचना जारी की गई है. इस एडवायजरी में आम जनता से यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

क्या है एडवायजरी

  • लोगों को रेडियो, टेलिविजन और सोशल मीडिया पर ऑफिशियल चैनलों के माध्यम से लगातार बाढ़ की स्थिति पर अपडेट रहने को कहा गया है.
  • ऊंची जगहों को पहले से स्पॉट करने की सलाह दी गई है. साथ ही कुछ खाने की सामग्री जैसे बिस्किट, लाई, भुना चने को इकट्ठा रखें.
  • राशन कार्ड, आधार कार्ड, पासबुक और जरूरी डॉक्यूमेंट्स को वॉटर प्रूफ बैग्स में रखें.
  • क्लोरीन, ओआरएस और जरूरी दवाओं को इकट्ठा रखें.
  • बाढ़ की जानकारी मिलने के तुरंत बाद गर्भवती महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर पहुंचाएं.
  • किसी भी आपात की स्थिति में 108 या फिर 102 पर सहायता के लिए कॉल करें.
  • बाढ़ की स्थिति बनने पर जिला मुख्यालय के नंबर 0120-2989032, 2986150 पर कॉल करें. टोल फ्री नंबर 1077 पर भी कॉल कर सकते हैं.

दिल्ली में भी अलर्ट

1 सितंबर शाम 7 बजे तक दिल्ली में यमुना का जलस्तर 205 मीटर पर है. दिल्ली में इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कई फैसले लिए हैं. दिल्ली में यमुना के आस-पास निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया गया है. कई लोगों के लिए अस्थायी शिविरों की व्यवस्था की गई है. लोहे के रेलवे पुल को कल शाम 5 बजे के बाद से अगले आदेश तक बंद किया जाएगा. हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद करीब 36 घंटे में दिल्ली में असर दिखाई देता है.

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