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फतेहपुर पहुंचे अखिलेश यादव, मृतक लेखपाल के परिवार से की मुलाकात, बोले- ‘मुकदमा दर्ज नहीं होगा’

फतेहपुर पहुंचे अखिलेश यादव, मृतक लेखपाल के परिवार से की मुलाकात, बोले- 'मुकदमा दर्ज नहीं होगा'

मृतक लेखपाल के घर पहुंचे अखिलेश यादव.

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शुक्रवार को फतेहपुर पहुंचे. यहां उन्होंने एसआईआर और योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा. बता दें कि अखिलेश यादव ने बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के खजुहा कस्बे में 25 नवंबर को आत्महत्या करने वाले लेखपाल सुधीर कुमार कोरी के परिवार से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने परिजनों को दो लाख रुपए की आर्थिक मदद दी और आरोपी अधिकारी पर मुकदमा दर्ज कर बर्खास्त करने की मांग की.

साथ ही अखिलेश यादव ने मृतक आश्रित परिवार को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की बात कही. उन्होंने कहा कि परिवार की हम लोगों ने 2 लाख की मदद की है और वह जो तहरीर देगा हम उनकी मदद करेंगे. उन्होंने कहा कि मैं पीड़ित परिवार से मिलने आया था, हम इनके दुख में शामिल हैं. एक मां ने अपना बेटा खोया है, बहन ने अपना भाई खोया है, जिसकी शादी होने जा रही थी.

क्या है पूरा मामला?

बिंदकी तहसील में तैनात लेखपाल सुधीर कुमार कोरी को एसआईआर प्रक्रिया में जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र में सुपरवाइजर बनाया गया था. 26 नवंबर को पड़ोसी सीतापुर गांव में उनकी बरात जानी थी, जिसके लिए उन्होंने छुट्टी मांगी थी. लेकिन छुट्टी न मिलने पर मीटिंग में ईआरओ ने काम न करने पर निलंबन और बर्खास्तगी की धमकी दी. इससे आहत होकर सुधीर ने 25 नवंबर की सुबह घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.परिजनों का आरोप है कि कानूनगो ने घर आकर दबाव बनाया और धमकी दी, जिससे यह घटना हुई.

एसआईआर अभियान पर तीखा प्रहार

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ये देशवासियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी साजिश है, जो अंग्रेजों की गुलामी से भी खराब स्थिति में ले जाएगी. सपा प्रमुख ने मांग की कि इलेक्शन कमीशन फेयर चुनाव कराए, निष्पक्ष होकर काम करे और वोटर लिस्ट भी निष्पक्ष बने. उन्होंने फतेहपुर मामले में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आरोपी बीजेपी के अधिकारी हैं, इसलिए मुकदमा दर्ज नहीं होगा. इस मुद्दे को सपा लोकसभा में भी उठाएगी.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने गुरुवार को एक्स पर एसआईआर प्रक्रिया का 20 सेकंड का एक वीडियो साझा करते हुए एक पोस्ट में कहा कि ये लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी है. जनता जागरुक हो. आज वोट काटा जा रहा है, कल को खेत-जमीन-मकान-राशन-जाति-आरक्षण से नाम काटा जाएगा. फिर बात खातों और मध्यम वर्ग के लॉकर तक पहुंच जाएगी.

देशवासियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी साजिश

अखिलेश यादव ने अपने लंबे पोस्ट में कहा, ये देशवासियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी साजिश है, जो अंग्रेजों की गुलामी से भी खराब स्थिति में ले जाएगी. ये समय जागने का है और एक-एक वोट बचाने का है. उन्होंने विपक्षी दलों के साथ ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में बीजेपी के सहयोगी दलों का आह्वान करते हुए कहा कि हमारी सभी विपक्षी दलों और यहां तक कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी सहयोगी दलों से यह अपील है कि एकजुट हों और बीजेपी के इस महा-षड्यंत्र का पर्दाफाश करें.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जो दल बीजेपी को अपना सहयोगी मान रहे हैं, सबसे पहले बीजेपी उन्हीं का खात्मा करेगी. इसलिए हमारी प्रत्येक देशवासी से अपील है कि सारे काम छोड़कर एसआईआर की घपलेबाजी को रोकें. उन्होंने कहा कि बीजेपी और उसके संगी-साथी और बीजेपी सरकार की तिकड़ी व निर्वाचन आयोग के कुछ भ्रष्ट लोग पूरी चुनावी व्यवस्था का अपहरण कर रहे हैं.

भय और भ्रम फैलाने का प्रयास

सपा प्रमुख ने लिखा कि आइए हम सब मिलकर उन भाजपाइयों और उनके अपरिवारवादी संगी-साथियों की सरेआम लूट से देश को बचाएं और वोट के रूप में अपनी पहचान को भी बचाएं, नहीं तो कल को ये देशवासियों को ही पराया साबित कर देंगे. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि सपा मुखिया अपने पोस्ट के माध्यम से जनता-जनार्दन में भय और भ्रम फैलाने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उसमे वह सफल होने वाले नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया है, जनता जनार्दन को सच पता है, उसे गुमराह नहीं किया जा सकता है. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान आरक्षण को लेकर जिस तरह विपक्षी दलों ने माहौल बनाया था अब वह संभव नहीं है क्योंकि जनता जनार्दन को यह सच समझ में आ गया है कि विपक्षी दल के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है.

बीएलए नियुक्त करने की अपील

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि एसआईआर के लिए राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने सभी विपक्षी दलों की बैठक बुलाकर अपनी-अपनी पार्टी के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने के लिए अपील की है, ताकि सभी राजनीतिक दल बूथ पर रहने वालों का नाम एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची में दर्ज करा सकें और किसी को इस बात की शिकायत का अवसर न रहे कि एसआईआर में किसी का नाम काट दिया गया है. उन्होंने कहा कि इसलिए विपक्षी दलों द्वारा जनता-जनार्दन को भ्रमित करने की कोशिश का कोई प्रभाव जनता पर पड़ने वाला नहीं है.



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