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पहले टैरिफ, अब इजराइल-ईरान युद्ध… मुरादाबाद के पीतल कारोबार पर ‘डबल अटैक’, 2000 करोड़ का नुकसान!

पहले टैरिफ, अब इजराइल-ईरान युद्ध… मुरादाबाद के पीतल कारोबार पर ‘डबल अटैक’, 2000 करोड़ का नुकसान!

मुरादाबाद के पीलत उद्योग पर ईरान-इजरायल युद्ध का सीधा असर पड़ रहा है. पीतल नगरी के नाम से मशहूर मुरादाबाद के एक्सपोर्टरों ने ईरान-इजरायल युद्ध और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते करीब 2000 करोड़ रुपए तक के नुकसान की आशंका जताई है. वहीं कोराबार बुरी तरह से प्रभावित होने से व्यापारी चिंतित है.

एक्सपोर्टरों का कहना है कि जिले में करीब 2500 से अधिक एक्सपोर्टर हैं, जिनसे लगभग तीन लाख परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है, लेकिन युद्ध और वैश्विक तनाव के कारण यूरोप और मिडिल ईस्ट से मिले कई ऑर्डर अभी तक भेजे नहीं जा सके हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है.

रूस-यूक्रेन युद्ध पहले ही तोड़ रखी है कमर

एक्सपोर्टरों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों से उद्योग पहले ही वैश्विक परिस्थितियों से जूझ रहा है. उनका कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण यूरोप का कारोबार लगभग ठप हो गया था और पिछले चार साल से निर्यात पर बुरा असर पड़ा है. ऐसे में कारोबारियों को उम्मीद थी कि साल 2026 उद्योग के लिए बेहतर साबित होगा, लेकिन अब ईरान-इजरायल युद्ध ने नई चुनौती खड़ी कर दी है. पहले टैरिफ और अब इजराइल-ईरान युद्ध ने पूरी तरह से कारोबार की कमर तोड़ रखी है.

नहीं मिल रहा ऑर्डर

स्थानीय एक्सपोर्टर ऋषि का कहना है कि पहले से ही एक्सपोर्ट लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक गिर चुका है और मौजूदा हालात जारी रहे तो इसमें 20-25 प्रतिशत की और गिरावट आ सकती है. उन्होंने बताया कि मिडिल ईस्ट में पहले भारतीय हैंडीक्राफ्ट की अच्छी मांग थी, लेकिन युद्ध के माहौल के कारण ग्राहक ऑर्डर कन्फर्म करने से भी हिचक रहे हैं.

कारोबारियों का कहना है कि अगर जल्द ही हालात सामान्य नहीं हुए तो मुरादाबाद का पीतल उद्योग और इससे जुड़े लाखों लोगों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है. ईरान-इजरायल युद्ध से कारोबार ठप होने के कारण कारोबारियों की चिंता कई गुना बढ़ गई है. फिलहाल उद्योग जगत सरकार और अंतरराष्ट्रीय हालात के स्थिर होने का इंतजार कर रहा है.

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