न रात को आती नींद, न दिन को चैन… इस गांव में टहल रहे 2 आदमखोर, बच्चे घरों में दुबके- Video

खेत में टहलते दिखे दो तेंदुए.
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में तेंदुआ देखे जाने का दावा किया जा रहा है. वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है. वायरल वीडियो में खेतों में जाते हुए दो तेंदुए दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद इलाके में दशहत का माहौल है. एक हफ्ते पूर्व इसी गांव की पांच बकरियों को किसी जंगली जानवर ने निशाना बनाया था. ग्रामीण पंजों के निशान के बाद किसी अनहोनी की आशंका व्यक्त कर रहे थे, लेकिन वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया.
दरअसल, तेंदुए का वायरल वीडियो शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के अरंद गांव का है. बताया जा रहा है कि इस गांव के निवासी एक किसान के खेतों में शुक्रवार की दोपहर दो तेंदुए जाते हुए दिखाई दिए, जिसके बाद ग्रामीणों में दशहत का माहौल है. तेंदुए के बारे में सुनते ही गांव की सड़क से आने-जाने वाले लोग डरकर काफी देर तक खड़े रहे. हालांकि, दोनों तेंदुए खेत की तरफ चले गए. किसी इंसान को अब तक नुकसान नहीं पहुंचाया है.
एक हफ्ते पूर्व 5 बकरियों को बनाया था निशाना
ग्रामीणों का आरोप है कि एक सप्ताह पूर्व अरंद गांव में ही शीला राजभर की पालतू पांच बकरियों को किसी जंगली जानवर ने अपना निवाला बना डाला था. मृत बकरियों के पेट और कलेजे को निकालकर बाकी हिस्सों को छोड़ दिया गया था. घटना के बाद आदमखोर जानवर के पंजों के निशान भी पड़े थे, जिसकी राजस्व और वन विभाग को जानकारी भी दी गई थी. घटना की सूचना मिलते ही राजस्व और पशु चिकित्सा की टीम तो पहुंची, लेकिन वन विभाग ने वन दारोगा को भेजकर खानापूर्ति कर ली थी. किस जानवर के पंजों के निशान थे, किसने ऐसा किया, इन सबकी छानबीन वन विभाग ने करना जरूरी नहीं समझा.
इतना ही नहीं ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इसके पहले भरौली गांव में भी इसी तरह आदमखोर जानवर छह बकरियों को अपना निशाना बना चुका है. आसपास के गांवों में आदमखोर जानवर को लेकर दहशत का माहौल था ही, इसी बीच शुक्रवार को तेंदुए का वायरल वीडियो देखकर लोग और सहम गए.
शुक्रवार को 2 तेंदुओं का वीडियो वायरल
शुक्रवार की दोपहर ग्रामीणों ने अरंद गांव में तेंदुओं के देखे जाने का दावा किया. ग्रामीणों द्वारा दोनों तेंदुओं के खेत में जाते हुए वीडियो भी बनाया गया. तेंदुए के दिखाई देने की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल रही है. लोग घरों से बाहर बच्चों को नहीं निकलने दे रहे हैं. किसान तेंदुए की दशहत से खेतों में भी जाना बंद कर दिए हैं. हालांकि, इस पूरे मामले पर वन विभाग कुछ भी नहीं बोल रहा है. ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग द्वारा तेंदुए को समय रहते पकड़ा जाए, ताकि कोई बड़ी अनहोनी न हो.

